बिहार। सरकार सीतामढ़ी के पुनौराधाम को अयोध्या की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। यहां 151 फीट ऊंचा विशाल मंदिर बनाया जाएगा, जो आधुनिक लाइटिंग सिस्टम के कारण रात में भी दिव्य रोशनी से जगमगाएगा। इस परियोजना के तहत जानकी कुंड, परिक्रमा पथ और पूरे परिसर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
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सीतामढ़ी। का पुनौराधाम पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। यही वह पावन भूमि है, जहां माता सीता का जन्म हुआ था। रामायण में वर्णित माता सीता की जन्मस्थली होने के कारण यह स्थान हिंदू और सनातन प्रेमियों के लिए एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। अब इस पावन धाम की पहचान और भी भव्य होने जा रही है।
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सीतामढ़ी। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद बिहार सरकार ने भी पुनौराधाम को उसी तर्ज पर विकसित करने का फैसला लिया है। इसके तहत मां जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम में विशाल और आकर्षक मंदिर परिसर का निर्माण किया जाएगा। यह दिन ही नहीं बल्कि रात में भी अपनी खूबसूरती से लोगों को मंत्रमुग्ध करेगा
रात के समय पुनौराधाम मंदिर की खूबसूरती देखते ही बनेगी। पूरे मंदिर परिसर को आधुनिक और आकर्षक लाइटिंग सिस्टम से सजाया जाएगा। इससे मुख्य मंदिर, परिक्रमा पथ, परकोटा और मां जानकी कुंड सुनहरी और दूधिया रोशनी में नहाए नजर आएंगे। 151 फीट ऊंचा मंदिर जब रोशनी से जगमगाएगा तो उसकी भव्य आकृति दूर से ही साफ दिखाई देगी।
हल्की और सॉफ्ट लाइटों के साथ रंगीन फसाड लाइटिंग मंदिर की नक्काशी और वास्तुकला को और उभार देगी। इससे ऐसा लगेगा मानो रात के अंधेरे में पुनौराधाम मंदिर दिव्य आभा बिखेर रहा हो। पर्यटन विभाग ने पुनौराधाम के समग्र विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को इस परियोजना का कार्यादेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही अब मंदिर परिसर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस विशाल परियोजना पर कुल 942.383 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंदिर निर्माण और दूसरे विकास कार्य पूरे होने के बाद अगले 10 वर्षों तक इसके संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की गई है। परियोजना को पूरा करने की संभावित समय-सीमा 42 महीने रखी गई है।