राम-जानकी मार्ग को फोरलेन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मशरख से भिट्ठा मोड़ तक एनएच-227ए और एनएच-227 के तहत 146 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण अगले साल शुरू होगा। इससे अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच आना-जाना आसान होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सीतामढ़ी। राम-जानकी रूट में
मशरख-चकिया-शिवहर-सीतामढ़ी-भिट्ठा मोड़ फोरलेन एनएच-227ए और एनएच-227 का 146 किमी लंबाई में निर्माण अगले साल शुरू होगा। फिलहाल इस सड़क के अलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद थीम इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी मिली है। बहुत जल्द इसके लिए जमीन अधिग्रहण शुरू होगा। इस दौरान टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन कर निर्माण की जिम्मेदारी तय होगी।
कहां-कहां से होकर गुजरेगी
राम-जानकी मार्ग का फोरलेन निर्माण करीब 240 किमी लंबाई में अयोध्या से सीतामढ़ी तक करने की कार्ययोजना पर काम हो रहा है। यह बिहार में उत्तर प्रदेश और बिहार सीमा के पास मेहरौना घाट से शुरू होकर सिवान, सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर के साथ सीतामढ़ी जिले से होकर गुजरेगी और भिट्ठा मोड़ तक जायेगी। इस सड़क के बनने से लोगों को भगवान राम और माता सीता के दोनों स्थलों तक आवागमन की सुविधा बेहतर हो जायेगी। इससे श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ जायेंगी।
मेहरौना-सिवान और सिवान-मशरख का हो चुका है टेंडर
राम-जानकी मार्ग में मेहरौना से सिवान तक करीब 1254 करोड़ रुपये की लागत से 41 किमी लंबाई में निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है। इसके साथ ही सिवान से मशरख तक करीब 1351 करोड़ रुपये की लागत से 53 किमी लंबाई में निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है।
अलाइनमेंट को मिल चुकी है मंजूरी, बन रही डीपीआर
मशरख से चकिया और शिवहर से सीतामढ़ी भिट्ठा मोड़ का अलाइनमेंट तय होना था, इसे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी पिछले दिनों मिल चुकी है। इनकी डीपीआर बन रही है। इसमें मशरख से चकिया तक करीब 45 किमी लंबाई में निर्माण की अनुमानित लागत करीब 1450 करोड़ रुपये है। साथ ही चकिया से सीतामढ़ी भिट्ठा मोड़ तक करीब 101 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर 2100 करोड रुपये खर्च होने का अनुमान है।