BREAKING

सीतामढ़ी के जेल अधीक्षक व सिविल सर्जन भी चढ़ चुके हैं निगरानी के हत्थे

सीतामढ़ी। जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में अबतक करीब एक दर्जन सरकारी सेवक पकड़े जा चुके हैं, जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार भी शामिल हैं।

सीतामढ़ी। जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में अबतक करीब एक दर्जन सरकारी सेवक पकड़े जा चुके हैं, जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार भी शामिल हैं। निगरानी विभाग की टीम ने विभिन्न अधिकारियों और कर्मियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के चलते कई सरकारी कर्मचारियों को निलंबन और नौकरी से बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा है। 13 दिसंबर 25 को निगरानी विभाग की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड जवान योगिंदर साह को पकड़ा। बाद में उसे अपने साथ पटना ले गये। रिश्वतखोरी मामले में कई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी निगरानी विभाग के हत्थे चढ़े हैं। जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार पहली बार पकड़े गए थे। एक संवेदक की शिकायत पर निगरानी की टीम ने सरकारी आवास से प्रेम कुमार को पकड़ा था। यह कार्रवाई सात नवंबर 2006 की है।

जानकारी के अनुसार निगरानी टीम ने बथनाहा के पूर्व बीइओ रामाधार यादव को भी रिश्वत के साथ दबोचा गया था। वह प्रा वि, हरि के शिक्षक सुनील कुमार चौधरी से महज दो हजार रिश्वत लेते धराये थे। इस मामले में यादव जेल गये थे और उनके खिलाफ दो-दो बार निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई की गयी थी। मामला 10 जनवरी 2007 का है। खास बात यह कि कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के कारण बीइओ को लगातार आठ माह तक जेल में रहनी पड़ी थी।