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सीतामढ़ी में किसान संघर्ष मोर्चा ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन

सीतामढ़ी। रीगा में संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें गन्ना मूल्य 800 रुपये प्रति क्विंटल करने, बकाया भुगतान की मांग की गई। किसानों ने प्रदर्शन भी किया और शहीद दिवस 27 दिसंबर को संघर्ष दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। सरकार से इनपुट अनुदान और फसल क्षति …

रीगा। संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा रीगा की कार्यसमिति तथा आमंत्रित किसानों की बैठक किसान भवन रीगा में हुई। अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष पारसनाथ सिंह ने की। बैठक के बाद आक्रोशपूर्ण किसानों ने अपनी ज्वलंत मांगों का कार्ड बोर्ड लेकर रीगा मिल बाजार की सड़कों पर प्रदर्शन किया। बैठक में किसान आन्दोलन के शहीद सुरेन्द्र सिंह तथा रफीक आलम के शहादत दिवस 27 दिसम्बर को संघर्ष दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में लागत के आलोक में गन्ना का मूल्य 8 सौ रू क्विंटल घोषित करने, बकाये गन्नामूल्य का शीघ्र भुगतान तथा के सी सी से मुक्ति, वर्षा, बाढ़ तथा मोंथा तूफान से फसल क्षति पर रीगा प्रखंड के किसानों को भी इनपुट अनुदान का भुगतान कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने, अंचल, सर्वे, डीसीएलआर तथा मनरेगा कार्यालयों में भारी भ्रष्टाचार तथा किसान मजदूरों की गाढी कमाई की लूट पर रोक लगाने, धान खरीद में तेजी लाने तथा भूमि सुधार महाअभियान में प्राप्त आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की मांग बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन से की गई इस संबंध में सी एम को गन्ना खेती की लागत खर्च का आंकडा तथा रीगा चीनी मिल की स्थिति पर एक प्रतिवेदन भेजा जाएगा।

कार्रवाई नहीं होने पर 15 दिनों में आन्दोलन का ऐलान किया जायगा। बैठक में मोर्चा के संयोजक डा. आनन्द किशोर ने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के साथ रीगा तथा जिला के अन्य छूटे प्रखंडो में फसल क्षति की जांच होनी चाहिए। नही मिलने की जांच कराकर किसान विरोधी अधिकारियों को सरकार बर्खास्त करे तथा किसानों को ईनपुटअनुदान सुनिश्चित कराया जाए। डा किशोर ने कहा बिहार सरकार शीघ्र गन्नामूल्य तय करे और मिल वालों से तय मूल्य के अतिरिक्त मूल्य का भुगतान सरकार करे किसानों को 8 सौ रू क्विंटल से कम मूल्य मंजूर नही होगा। यूपी सरकार गन्नामूल्य का ऐलान कर दिया परन्तु बिहार सरकार चुप है। जिलाध्यक्ष जलंधर यदुबंशी ने कहा किसानों की बढती समस्यायों तथा सरकारी उपेक्षा पर संघर्ष तेज करना होगा। बैठक में शिवशंकर मंडल, अबधेश यादव, डा. रबीन्द्र कुमार सिंह, डा. कमलेश्वर विनोद, रामजनम गिरी, चन्देश्वर चौधरी, कौशल किशोर सिंह, श्याम बिहारी पंडित, राकेश कुमार सिंह, नागेन्द्र बैठा, रामपुकार साह, प्रमोद यादव, अशोक निराला, संजीब कुमार चौधरी, रामनरेश झा, मोहन राम, राम विनय कुशवाहा, जगदीश यादव, मनोज कुमार सिंह, नरेन्द्र यादब, पप्पु पासवान, हंसराज दास, बीरेन्द्र यादव, सुखलाल दास सहित अन्य ने संबोधित किया तथा आन्दोलन तेजकरने की जरूरत बताया।