BREAKING

सीतामढ़ी; 1,787 ने छोड़ी बुनियादी साक्षरता परीक्षा

सीतामढ़ी। में महादलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए अक्षर आंचल योजना के तहत बुनियादी साक्षरता परीक्षा का आयोजन हुआ। 143 परीक्षा केंद्रों पर 23,363 महिलाओं ने पंजीकरण कराया, जिसमें से 22,576 ने परीक्षा दी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त…

सीतामढ़ी। महादलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना के तहत रविवार को जिले में आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुई। जिले के 143 परीक्षा केंद्रों पर 23,363 निबंधित नवसाक्षर महिलाओं में से 22,576 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 1,787 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। साक्षरता डीपीओ आयुष कुमार ने बताया कि परीक्षा में शामिल नवसाक्षरों में महादलित वर्ग की 6,693, दलित वर्ग की 3,145 तथा अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग की 12,738 महिलाएं थीं। राज्य व जिला स्तरीय अनुश्रवण दल ने पूरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। राज्य से आए अनुश्रवण अधिकारी प्रसून कुमार ने रीगा व सुप्पी, जबकि जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने डुमरा, पुपरी, बाजपट्टी, नानपुर, बथनाहा सहित कई क्षेत्रों के केन्द्रों का निरीक्षण किया।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा में समय की बाध्यता नहीं थी। महिलाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा दे सकीं। डुमरा के केन्द्रों पर शामिल हुए 3613 परीक्षार्थी : डुमरा प्रखंड के 19 परीक्षा केंद्रों पर 3,613 नवसाक्षर शामिल हुईं। मध्य विद्यालय चकमहिला को आदर्श केंद्र बनाया गया था।, इसका उद्घाटन डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, माध्यमिक शिक्षा व साक्षरता डीपीओ आयुष कुमार, डीपीओ समग्र शिक्षा प्रियदर्शी सौरभ, बीईओ अरविंद कुमार, एसआरपी संजय कुमार मधु व प्रधानाध्यापक रमेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। नवसाक्षरों का गुलाब फूल देकर स्वागत किया गया। डीईओ ने कहा कि “अक्षर आंचल योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज को शिक्षित करना है। बथनाहा के मॉडल केन्द्र का डीपीओ ने किया उद्घाटन : बथनाहा प्रखंड के मध्य विद्यालय पंथपाकर में परीक्षा का शुभारंभ डीपीओ साक्षरता आयुष कुमार और डीपीओ समग्र शिक्षा प्रियदर्शी सौरभ ने किया। यहां भी नवसाक्षरों की उपस्थिति प्रभावशाली रही। वहीं सोनबरसा प्रखंड के 14 केंद्रों पर 1,220 नवसाक्षर परीक्षा में शामिल हुईं। मध्य विद्यालय दलकवा, मुरहाडीह और प्राथमिक विद्यालय मधुबन को मॉडल केंद्र के रूप में सजाया गया था। केआरपी प्रमोद कुमार सहित सभी कर्मी दिनभर निरीक्षण में लगे रहे। शिक्षा से बदलेगी तस्वीर, हर प्रखंड में बना मॉडल केंद्र: निरीक्षण के दौरान डीपीओ साक्षरता आयुष कुमार ने कहा कि “जब मां पढ़ती है, तो पूरा परिवार सीखने की राह पकड़ता है।” डीपीओ समग्र शिक्षा प्रियदर्शी सौरभ ने नवसाक्षरों को शिक्षा से होने वाले सामाजिक बदलाव के बारे में जागरूक किया। हर प्रखंड में एक मॉडल केंद्र बनाया गया था, जहां पढ़ना-लिखना और गणित विषयों की परीक्षा आयोजित हुई। एसआरपी संजय कुमार मधु, सभी बीईओ और केआरपी पूरे दिन केंद्रों पर निरीक्षण में जुटे रहे। अधिकारियों ने परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने को जिले में साक्षरता अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया।