Fri. Aug 29th, 2025

बिहार में कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों और छापेमारी के मामले में अब डायल-112 के साथ स्थानीय थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचेगी. यह निर्णय हाल के दिनों में डायल-112 के साथ जनता के बढ़ते विवाद को देखते हुए लिया गया है.

पुलिस मुख्यालय का निर्देश जारी

इसके संबंध में पुलिस मुख्यालय के स्तर से जिलों के एसपी व थानों को निर्देश जारी किया गया है. इसका पालन नहीं करने पर संबंधित थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की जाएगी. हेल्पलाइन नंबर डायल-112 पर आने वाली सूचना और शिकायतें स्थानीय थानों को भी दी जाती हैं. अब नए निर्देश के बाद डायल-112 के साथ स्थानीय थानों को भी घटनास्थल पर साथ जाना है. इसके लिए सभी थानों को प्रेरित किया जा रहा है. निर्देश में कहा गया है कि अगर थाने की टीम इसमें सहयोग नहीं करेगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की भी व्यवस्था होगी.

अभी राज्य में डायल-112 के 1833 वाहन

मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में डायल-112 के अंतर्गत राज्य में कुल 1833 वाहन चल रहे हैं. इनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन हैं. किसी भी आपात सूचना के लिए डायल-112 का हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में विभिन्न प्रमुख जगहों पर डायल-112 के वाहन खड़े किए गए हैं, ताकि खबर मिलते ही कम समय में घटनास्थल पर पहुंचा जा सके.

बढ़ेगी डायल-112 की टीम संख्या

बता दें कि डायल-112 की टीम सूचना मिलने पर औसत 12 से 15 मिनट में पहुंच भी रही है. अब समस्या यह है कि कम पुलिसबल होने के कारण कई बार जनता डायल-112 टीम पर ही हमला कर दे रही है. वर्तमान में डायल-112 की एक गाड़ी में ड्राइवर के साथ तीन से चार पुलिसकर्मी होते हैं. अब इनकी संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.

डायल-112 पर हुए हमले

29 जून : पटना के एक्जीबिशन रोड में पारिवारिक विवाद सुलझाने गई डायल-112 टीम पर हमला.
13 जुलाई : नवादा के पकरीबरांवा में विवाद सुलझाने गई डायल-112 टीम पर हमला.
8 अगस्त : मुंगेर के पूरबसराय में शराब की सूचना पर पहुंची डायल-112 टीम पर हमला.
14 अगस्त : जमुई में रास्ता विवाद सुलझाने गई डायल-112 टीम पर हमला.