Sat. Aug 30th, 2025

बिहार के हर जिले में 8 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े मामलों को देखेगी। इस कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे। यह समिति जिला के अंदर शिक्षकों का तबादला और…

बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर संबंधी मामलों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जिसके तहत हर जिले में 8 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े मामलों को देखेगी। जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे। इस मामले से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। समिति में जिला शिक्षा पदाधिकारी सदस्य सचिव होंगे। उप विकास आयुक्त, अपर जिला दंडाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), डीएम द्वारा मनोनीत एससी-एसटी, महिला वरीय उप समाहर्ता और अल्पसंख्यक श्रेणी के एक अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति जिला के अंदर शिक्षकों का तबादला और पदस्थापन करेगी। अंतरजिला स्थानांतरण मामले पर मुख्यालय को अनुशंसा भेजेगी। साथ ही जिले में खाली पड़े पदों पर तय समय सीमा के भीतर प्रतिनियुक्ति करना भी होगा।

आपको बता दे सोमवार को शिक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों के 6 हजार 336 शिक्षकों का पारस्परिक तबादला (म्यूचुअल ट्रांसफर) किया है। इसके पहले दो चरणों में 28 जुलाई तक 17 हजार 242 शिक्षकों का पारस्परिक तबादला किया गया था। इसके बाद 14 दिनों में 6 हजार 336 और शिक्षकों को इसके माध्यम से तबादला मिला। यानी तीन चरणों में ऐसे शिक्षकों की संख्या 23 हजार 578 हो गई है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि पारस्परिक तबादले के विकल्प अभी खुले हुए हैं। समान कोटि के शिक्षक एक दूसरे की जगह स्थानांतरित किए गए हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया का भी खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्यादातर मामलों में उपयुक्त साथी (जोड़ा) नहीं मिल पाता है। जिसके चलते इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे और अपने ही जिले या प्रखंड में तबादला नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे हर जिले 8 सदस्यीय कमेटी शिक्षकों की तबादले संबंधी समस्याओं को दूर करने का काम करेगी।