नीतीश सरकार ने बिहार के स्वास्थ्य कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। इनमें सीनियर रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन जैसे नियोजित स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने एक और बड़ा ऐलान किया है। राज्य के नियोजित स्वास्थ्य कर्मियों के मानदेय में 21 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को आदेश जारी कर दिए गए। इससे पहले राज्य सरकार आशा कार्यकर्ता, ममता वर्कर्स, फिजिकल टीचर, एमडीएम रसोइया समेत अन्य कर्मियों के मानदेय मे बढ़ोतरी कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकृत पदों पर नियोजित कर्मियों के मानदेय में 11000 रुपये से लेकर 21000 रुपये तक की वृद्धि की है। प्रयोगशाला प्रावैधिक यानी लैब टेक्नीशियन और एक्स-रे टेक्निीशियन का मानदेय 37 हजार से बढ़ाकर 48 हजार रुपये कर दिया गया है। इसी तरह वरीय रेडियो ग्राफर का मानदेय 37 हजार रुपये से बढ़ाकर 58 हजार रुपये कर दिया गया है। इनकी संख्या करीब 500 है।

बता दें कि इसी सप्ताह राज्य सरकार ने किसान सलाहकार के मानदेय में बढ़ोतरी की थी। बीते मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में किसान सलाहकारों को 13000 से बढ़ाकर 21000 रुपये मानदेय देने का फैसला लिया गया। इससे पहले नीतीश सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को 1000 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया था। वहीं, ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 की जगह 600 रुपये देने का फैसला लिया गया था। सीएम नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं के काम की तारीफ भी की थी।