भ्रष्ट इंजीनियर विनोद कुमार राय से जेल के अंदर ही पूछताछ होगी। न्यायालय ने उनके स्वास्थ्य परिस्थितियों के आधार पर ईओयू को जेल के अंदर ही तीन दिन की रिमांड मंजूर करते हुए पूछताछ की…

लाखों के नोट जलाने वाले ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय से जेल के अंदर ही पूछताछ होगी। न्यायालय ने उनके स्वास्थ्य परिस्थितियों के आधार पर ईओयू को जेल के अंदर ही तीन दिन की रिमांड मंजूर करते हुए पूछताछ की अनुमति दे दी है। न्यायालय से अनुमति के बाद ईओयू की टीम ने जेल में पूछताछ शुरू कर दी है। ईओयू की अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी अभियंता की बिहार सहित बाहर कई राज्यों में प्रॉपर्टी है।
इंजीनियर और उनके करीबियों के करीब दो दर्जन डीड पेपर मिले हैं। इसके साथ ही बिहार में रोसड़ा और ओड़िसा में कंस्ट्रक्शन से जुड़ी फैक्ट्री भी मिली है। यह फैक्ट्री उनके द्वारा पार्टनरशिप में चलाई जाने की संभावना है। अवैध कमाई से जुड़े कई स्रोतों को देखते हुए जल्द ही अभियंता पर भ्रष्टाचार अधिनियम (पीसी एक्ट) की धाराओं में डीए (आय से अधिक संपत्ति) का अलग केस दर्ज हो सकता है।

आपको बता दें ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद राय की काली कमाई की भनक जब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को लगी तो, उन्होंने सारा नोट पटना आवास पर पहुंचा दिया। जब ईओयू की टीम छापे को पहुंची तो उनकी पत्नी दीवार बनकर घर के नीचे खड़ी हो गई। कहा- घर में वह अकेली है। उधर, ऊपर के कमरे में इंजीनियर साहब पूरी रात नोट जलाते रहे। जलाते-जलाते थक गए फिर भी 39. 50 लाख रुपये बच गए। शुक्रवार की सुबह ईओयू ने दबिश दी तो पानी की टंकी से ये नोट बरामद हुए थे।
ईओयू के मुताबिक करीब 12.50 लाख के जले नोट और बाथरूम की पाइप से भारी मात्रा में जले नोटों का मलबा मिला है। ईओयू को सूचना मिली थी कि विनोद अपनी गाड़ी में भारी मात्रा में नकदी लेकर पटना के भूतनाथ रोड स्थित मकान पर जा रहे हैं। ईओयू की टीम ने रास्ते में घेरेबंदी की, पर वह पकड़ में नहीं आए। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक विनोद के पास बाजार मूल्य पर 100 करोड़ की चल-अचल संपत्ति हो सकती है।