बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Election) के पांचवें चरण के मतगणना (Counting) के बाद जमुई (Jamui) जिले के लक्ष्मीपुर पंचायत के तेरहो पंचायत में मुखिया पद पर नए चेहरे ने जीत हासिल की है. अब तक के चार चरणों के चुनाव में जहां कुछ पंचायतों में जनता ने मुखिया को दोबारा मौका दिया. वहीं, लक्ष्मीपुर प्रखंड में परिवर्तन देखने को मिला है. अगर बात करें तो सिर्फ मटिया पंचायत में ही निवर्तमान मुखिया की पत्नी पर लोगों ने भरोसा जताया है. वहां के मुखिया महेश दास की कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में मौत हो गई थी जिसके बाद लोगों ने सहानुभूतिवश महामणी देवी को जिता दिया.

वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र में निमकी मुखिया (Nimki Mukhiya) की तरह पहचान बनाने वाली कोमल कुमारी को हरला पंचायत के मतदाताओं ने खूब समर्थन दिया. इतिहास में ग्रैजुएट कोमल कुमारी के पति निरंजन कुमार मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और फिर पंचायत और गांव के विकास की सोच लेकर कोमल कुमारी चुनावी मैदान में उतरी थीं. प्रचार-प्रसार के दौरान उनके पंचायत के लोगों ने उनका नाम नीमकी मुखिया रख दिया था. निमकी मुखिया नाम रखे जाने पर निर्वाचित मुखिया कोमल कुमारी ने बताया कि उन्हें कोई मलाल नहीं कि उनका नाम निमकी मुखिया रखा गया. वो निमकी मुखिया से भी बढ़कर काम करेंगी उनके पंचायत में कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता. कोई अधिकारी या सरकारी कर्मचारी अगर उनके पंचायत के विकास में बाधक बने या फिर भ्रष्टाचार करेगा तो उसे वो नहीं छोड़ेंगी.

पिछले पंचायत चुनाव में दिग्घी पंचायत से मुखिया पद पर हारने वाले बलराम सिंह पंचायत बदलकर खिलार से चुनाव लड़े जहां मतदाताओं ने उन पर अपना भरोसा जताया.

लक्ष्मीपुर प्रखंड के 13 पंचायतों में आठ जगहों पर महिला प्रत्याशी मुखिया पद पर निर्वाचित हुई हैं. परिवर्तन की बात मुखिया के अलावा पंचायत समिति सदस्य के पद पर भी लक्ष्मीपुर प्रखंड में देखने को मिला. हालांकि गौरव पंचायत समिति सदस्य जनार्दन यादव ने इस बार जीतकर हैट्रिक लगाई है.

लक्ष्मीपुर प्रखंड इलाके से जिला परिषद सीट पर भी परिवर्तन वाला ट्रेंड देखने को मिला है. यहां 19,000 से भी अधिक वोट लाकर लक्ष्मी देवी निर्वाचित हुईं

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