नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने बताया कि आगामी पांच नवंबर तक सभी घाट तैयार कर लिये जाएंगे। वहीं, सात नवंबर से छठ व्रतियों के लिए साफ-सुथरा घाट उपलब्ध करा दिया जाएगा। घाटों की सफाई तीन चरणों में पूरी करनी है। साथ ही प्रत्येक घाट के एक किलोमीटर के क्षेत्र को नो टॉलरेंस एरिया घोषित किया जाएगा।

पहले चरण की सफाई पांच नवंबर तक पूरा करने के बाद छह नवंबर से प्रत्येक घाट का एक किलोमीटर का दायरा नो टॉलरेंस एरिया घोषित किया जाएगा। दीपावली के बाद लोग पूजा सामग्री और मूर्तियों को गंगा में प्रवाहित करते हैं, इसलिए नगर निगम ने अपने सभी सफाई निरीक्षकों यह जिम्मेवारी दी है कि लोगों को गंगा में पूजन सामग्री प्रवाहित करने से रोकें। 

घाटों पर या दूसरे स्थलों पर पूजन सामग्री को संग्रहित करने की व्यवस्था की जाए। दूसरे चरण की सफाई का कार्य छह नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और सात नवंबर से घाट छठ व्रतियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा। गंगा किनारे सभी 93 घाटों समेत पार्कों और तालाबों की सफाई के लिए नगर निगम ने 1360 सफाई मजदूर और 133 सफाई पर्यवेक्षकों को लगाया है। प्रत्येक घाट पर 10 सफाई मजदूर और एक पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।

बकायेदारों को देने के लिए मिले 20 करोड़

पिछले दो वर्षों से छठ घाटों को तैयार करने वाले संवेदकों का बकाया भुगतान करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने करीब 20 करोड़ भेजे हैं। वर्ष 2019 के लिए 11 करोड़ दो लाख 94 हजार 233 रुपये जारी किया गया है। वहीं वर्ष 2020 के छठ के लिए नौ करोड़ 78 लाख 81 हजार रुपये जारी किया गया है। 

पिछले दो वर्षों का बकाया करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान वर्ष 2021 में किया जा रहा है। इसको लेकर करीब 25 संवेदकों ने निगम मुख्यालय में धरना भी दिया था। अब इन सभी बकायेदारों का भुगतान किया जाएगा। वहीं, वर्ष 2021 के लिए 92 घाटों पर तैयारी, सौन्दर्यीकरण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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