बिहार सरकार का एक्शन शो लगातार जारी है. पुलिस प्रशासन, भूमि सुधार विभाग और राजस्व विभाग में कार्रवाई के बाद ग्रामीण विकास विभाग में भी सरकार का डंडा चला है. बिहार सरकार ने 26 बीडीओ पर कार्रवाई की है. नालंदा, आरा, गया और सीतामढ़ी समेत कई जिलों के अधिकारियों पर एक्शन लिया गया है.

काम में लापरवाही बरतने, गड़बड़ी करने और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां सुनवाई के दौरान गायब रहने के कारण बिहार सरकार ने विभिन्न जिलों के 26 बीडीओ पर कार्रवाई की है. सर्कार ने नालंदा, आरा, भागलपुर, गया, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, मधुबनी, अरवल, जमुई और शेखपुरा समेत कई जिलों के बीडीओ पर एक्शन लिया गया है. रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के बीडीओ शिवेश कुमार और पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया के बीडीओ राजेश भूषण को लोक शिकायत पदाधिकारी के यहां सुनवाई में अनुपस्थित रहने के कारण कड़ी चेतावनी का दंड दिया गया है.

आपको बता दें कि बिहार सरकार ने राजस्व विभाग के कई अधिकारियों पर एक्शन लिया है. काम में गड़बड़ी करने और अपने सीनियर अफसरों की बात नहीं मानने को लेकर इन अफसरों के ऊपर कार्रवाई की गई है. बिहार में इस महीने राजस्व विभाग के लगभग दर्जन भर क्षेत्रीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. कई अफसरों को निलंबित किया गया है. जबकि कई अधिकारियों को निंदन की सजा दी गई है.

इसी तरह प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर भी एक्शन लिया गया है. पिछले दो माह में 26 बीडीओ को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दंड दिया गया है. किन्हीं को चेतावनी तो कइयों की वेतन वृद्धि रोकी गई है. विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी. ऐसे बीडीओ पर विभाग की नजर है.



बिहार सरकार के मंत्री ने माना कि बार-बार हिदायत देने के बाद भी कई बीडीओ ऐसे हैं, जो लापरवाही बरतते हैं. इनकी लापरवाही से योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होती है और जनता को योजना का का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है. गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी लोक शिकायत निवारण कानून के तहत होने वाली सुनवाई में उपस्थित नहीं होने वाले पदाधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में दिया था.

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