Eight Years of Hunkar Rally Blasts: पटना गांधी मैदान के मंच पर बिहार भाजपा के कई नेता उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. इसी बीच खबर आई कि करीब 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 10 पर पहला विस्फोट हुआ है. इतनी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सूझबूझ भरा फैसला लिया और इसे छोटा विस्फोट बताया ताकि भगदड़ न हो. हालांकि हकीकत यह थी कि इस विस्फोट में घटनास्थल (पटना जंक्शन) पर ही एक आतंकी का शरीर उड़ गया था.

पटना. भारतीय जनता पार्टी की हुंकार रैली (BJP Hunkar Rally) के दौरान गांधी मैदान में 2013 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट (Patna Gandhi Maidan Serial Blast) के 8 साल पूरे  हो गए. यह ऐसी बड़ी घटना थी अगर इसे सूझबूझ से न संभाला गया होता तो भयंकर दंगे का रूप ले सकता था. रविवार का दिन था और पटना के गांधी मैदान में 27 अक्टूबर 2013 को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी (Prime Ministerial Candidate Narendra Modi) की हुंकार रैली का कार्यक्रम था. हुंकार रैली को लेकर गांधी मैदान और इसके आसपास के इलाकों में लोगों का हुजूम उमड़ा था. तत्कालीन गुजरात सीएम व भाजपा की चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने भारी संख्या में लोग ट्रेनों से पटना पहुंचे थे. भारतीय जनता पार्टी ने हुंकार रैली को देखते हुए 11 विशेष ट्रेनों को बुक करवाया था. पटना जंक्शन से लेकर गांधी मैदान तक भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी.

सुबह के 9 बजे तक ही गांधी मैदान पूरा भर चुका था. हालांकि, नरेंद्र मोदी तब तक पटना नहीं पहुंचे थे, लेकिन गांधी मैदान के मंच पर बिहार भाजपा के कई नेता उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. इसी बीच खबर आई कि करीब 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 10 पर पहला विस्फोट हुआ है. इतनी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सूझबूझ भरा फैसला लिया और इसे छोटा विस्फोट बताया ताकि भगदड़ न हो. हालांकि हकीकत यह थी कि इस विस्फोट में घटनास्थल (पटना जंक्शन) पर ही एक आतंकी का शरीर उड़ गया था.

घटना के तुरंत बाद पटना जंक्शन विस्फोट के बाद पकड़े गए आतंकी इम्तियाज से पूछताछ चल ही रही थी कि उसी दौरान ऐतिहासिक गांधी मैदान में ताबड़तोड़ बम विस्फोट की खबरें आने लगीं.  गांधी मैदान में सीरियल बम ब्लास्ट उस वक्त हुआ था, जब हुंकार रैली शुरू हुई थी. हालांकि भाजपा के नेताओं ने मंच संभाले रखा और भगदड़ न हो इसलिए यह कहा जाता रहा कि आम लोग दीपावली का पटाखा छोड़ रहे हैं. तब भाजपा के शाहनवाज हुसैन ने मंच संभाल रखा था.

हुंकार रैली में आई पूरी भीड़ को नरेंद्र मोदी ने अपने हुनर से ऐसे काबू किया कि बाद में उनके उस वक्त के विरोधी कहे जाने वाले सीएम नीतीश कुमार भी नरेंद्र मोदी की इस सूझबूझ की तारीफ किए बिना नहीं रह सके. बता दें कि इससे पहले नीतीश कुमार ने हुंकार रैली के बारे में यह भी कहा था कि हुंकार से अहंकार झलकता है.

बहरहाल, इस मामले की जांच एनआईए की टीम द्वारा की गई. इस कांड का मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता हैदर अली और दस के खिलाफ एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी. सभी आरोपी अभी पटना बेउर जेल में बंद हैं. इस कांड में एनआईए की टीम ने अनुसंधान के बाद 21 अगस्त 2014 को 11आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी.

हालांकि, तब तक ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा लोग घायल हो गये थे. लेकिन,    भीड़ इतनी थी कि गांधी मैदान के एक कोने से दूसरे कोने तक खबर भी पहुंचने में मुश्किल हो रही थी. इसी बीच नरेंद्र मोदी भी पटना एयरपोर्ट पर मौजूद थे. वे वहां से रैली की हर बात की खबर ले रहे थे. जैसे ही थोड़ा मामला नियंत्रण में आया वे स्वयं गांधी मैदान पहुंच गए और अपना संक्षिप्त संबोधन भी दिया.

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