बिहार में शिक्षा को लेकर बड़ी पहल की गई है. जहां शिक्षा विभाग ने अनुमंडल मुख्यालयों में स्थापित 22 राजकीय महाविद्यालयों को संबंधित विश्वविद्यालयों की अंगीभूत इकाई के रूप में मान्यता दी है. सारे वो अनुमंडल हैं जहां पहले से डिग्री कालेज नहीं थे. इस संबध में शिक्षा विभाग के उपसचिव अरशद फिरोज ने संबंध में आदेश जारी किया है. इस आदेश में पुरे 22 कालेजों को स्‍वीकृति मिली है.

आदेश के अनुसार दरभंगा के बेनीपुर अनुमंडल के राजकीय डिग्री कालेज, बेगूसराय के तेघड़ा स्थित डिग्री कालेज, बलिया के डिग्री कालेज, बखरी के डिग्री कालेज को ललित नारायण मिथिला विवि से अंगीभूत इकाई के रूप में स्वीकृति दी है. वहीं पूर्वी चंपारण के मधुबन स्थित डिग्री कालेज, बगहा के डिग्री कालेज, सीतामढ़ी के पुपरी स्थित डिग्री कालेज, शिवहर के डिग्री कालेज और वैशाली जिले के महुआ स्थित डिग्री कालेज को बीआरए बिहार विवि से अंगीभूत इकाई के रूप में मंजूरी दी गई है.

साथ ही पूर्णिया जिले के धमदाहा स्थित डिग्री कालेज, वायसी अनुमंडल स्थित डिग्री कालेज, कटिहार के मनिहारी स्थित डिग्री कालेज को पूर्णिया विवि की अंगीभूत इकाई के रूप में स्वीकृति दी गई है. वहीं नालंदा जिले के राजगीर के डिग्री कालेज को पाटलिपुत्र विवि की अंगीभूत इकाई, रोहतास जिले के नौहट्टा स्थित डिग्री कालेज, भोजपुर के पीरो स्थित डिग्री कालेज तथा जगदीशपुर के डिग्री कालेज को वीर कुंवर सिंह विवि की अंगीभूत इकाई, जमुई के राजकीय महिला डिग्री कालेज को मुंगेर विवि, अरवल के डिग्री कालेज तथा गया के नीमचक स्थित डिग्री कारलेज को मगध विवि की अंगीभूत इकाई के रूप में मान्यता दी गई है. सुपौल के त्रिवेणीगंज स्थित डिग्री कालेज तथा सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर स्थित डिग्री कालेज को बीएन मंडल विवि की अंगीभूत इकाई के रूप में मान्यता दी गई है.

इसके साथ ही बता दें कि शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 290 करोड़ रुपये जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के अनुसार आवंटित राशि से सितंबर से दिसंबर तक का वेतन और पेंशन आदि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. इसके संबंध में भी आदेश जारी कर दिए हैं.

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