बिहार के स्‍कूली छात्रों के लिए बड़ी खबर है. पहली और आठवीं कक्षा के छात्रों के खातों में जल्‍द ही 489 करोड़ रुपयें क्रेडिट कर दिए जाएंगे. प्रदेश का शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुटा है. शिक्षा विभाग गर्मी की छुट्टियों से पहले ही स्‍कूली छात्रों के बैंक खातों में ये पैसे ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रहा है. दरअसल, यह राशि पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को किताबें खरीदने के लिए दी जाती हैं. प्रदेश सरकार की ओर से टेक्‍स्‍ट बुक खरीदने के मद में इस बार 489 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. शिक्षा विभाग अब इस राशि को समर वेकेशन से पहले स्‍कूली छात्रों के खातों में क्रेडिट करने की योजना पर काम कर रहा है. बता दें कि प्रदेश में कुल 72 हजार प्राथमिक स्‍कूल हैं, जिनमें तकरीबन सवा करोड़ छात्र पढ़ते हैं.

शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत बिहार में 6 से 14 साल के स्‍कूली छात्रों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जाती है. इसके तहत शिक्षा विभाग द्वारा हर साल विद्यार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पैसे उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उनकी पढ़ाई में आर्थिक कठिनाई आड़े न आए. जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष एक करोड़ 21 लाख 96 हजार 246 छात्रों के खाते में पुस्तक खरीदने के मद में 378 करोड़ से ज्‍यादा की राशि ट्रांसफर की गई थी. इससे बड़ी संख्‍या में छात्रों को मदद मिली थी. खासकर गरीब तबके के छात्रों को इससे सहूलियत मिलती है और वे अपनी पढ़ाई-लिखाई जारी रख पाते हैं.

अपना बैंक खाता रखें अपडेट
पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों के खाते में कभी भी पैसे आ सकते हैं. ऐसे में इन छात्रों के साथ ही उनके अभिभावकों को छात्रों का बैंक खाता अपडेट रखने की सलाह दी गई है, ताकि कि तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े. डायरेक्‍ट बेनीफिट ट्रांसफर स्‍कीम के तहत छात्रों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं. बैंक खाता अपडेट कराने के लिए स्‍कूल से संपर्क किया जा सकता है.

हर छात्र को 400 रुपये
पुस्‍तक खरीदने के मद में बिहार सरकार कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को 400 रुपये देती है. इन पैसों का दुरुपयोग न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग सीधे छात्रों के खातों में पैसे भेजता है. इसका उद्देश्‍य पढ़ाई के मद में दी जा रही आर्थिक मदद का इस्‍तेमाल पढ़ाई-लिखाई में करने का उद्देश्‍य है.

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