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सासाराम जिले के सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध नहीं होने के पीछे शिक्षकों की भारी कमी को कारण माना जाता रहा है। प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में इनकी संख्या कमोबेश ठीक-ठाक हो गई है। लेकिन, उच्च व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है। इसका प्रमुख कारण शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में सेटिंग-गेटिंग का खेल है। इसे ले शिक्षा विभाग हमेशा सुर्खियों में रहता है। लेकिन, हिन्दुस्तान की पड़ताल में विभाग की एक और हैरत अंगेज कारनामे की पोल खुली है।

विभाग ने नोखा के उच्च विद्यालय गढ़नोखा में सामाजिक विज्ञान विषय के 14 शिक्षक नियोजित किए गए हैं। जबकि वहां महज इस विषय के दो पद सृजित होने की बात कही जा रही है। इसके पीछे विभाग की क्या मंशा है, यह तो वे ही जाने। लेकिन पूरे मामले में विभाग चुप्पी साधे है। कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। बताया जाता है कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा एक विद्यालय में एक ही विषय के 14 शिक्षकों का नियोजन किया गया था। लेकिन, इस पर किसी की नजर नहीं गई। जबकि शिक्षा विभाग के पास सभी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सूची उपलब्ध है। लेकिन, विभाग ने मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। 

पड़ताल में यह बात सामने आया कि कई विद्यालयों में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों का घोर अभाव है। लेकिन, एक विद्यालय में एक ही विषय के 14 शिक्षकों का रखना समझ से परे है। बताते चलें कि नोखा नगर परिषद स्थित गढ़नोखा उच्च विद्यालय में सामाजिक विज्ञान के 14 शिक्षकों का नियोजन वर्ष 2013-14 में किया गया था। साल 2013 में आठ व 2014 में छह शिक्षकों का नियोजन किया गया। इसकी जानकारी विभाग के पास भी नहीं है। बताया जाता है कि गढ़नोखा उच्च विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 366 है।

इन छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायत द्वारा 24 शिक्षकों का नियोजन किया गया है। जिसमें अकेले 14 शिक्षक सामाजिक विज्ञान के हैं। अंग्रेजी व संस्कृत के एक-एक, गणित व विज्ञान के तीन-तीन शिक्षकों का नियोजन किया गया है। हिन्दी के कोई शिक्षक नहीं हैं। उर्दू विषय का भी पद रिक्त है। पूरे मामले में गढ़नोखा उच्च विद्यालय के प्राचार्य रितेश रंजन ने बताया कि विद्यालय में कुल 24 शिक्षक हैं, जिनमें 14 शिक्षक सामाजिक विज्ञान के हैं। अन्य विषयों के भी शिक्षक हैं। 

समाजिक विज्ञान के एक शिक्षक की झारखंड में नियुक्ति हो गई है। जिसकी सूचना विभाग को दी गई है। अभी सामाजिक विज्ञान के 13 शिक्षक विद्यालय में हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि नगर पंचायत नियोजन इकाई द्वारा इन विद्यालयों में शिक्षकों का नियोजन किया गया है। अगर किसी एक विद्यालय में एक ही विषय के इतने शिक्षक बहाल हो गए हैं। यह नियम सम्मत नहीं है। नगर परिषद नोखा से इसकी जानकारी मांगी गई है।

INPUT : HINDUSTAN

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