सेना की खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार सेना का जवान गणेश कुमार महिला आईएसआई एजेंट से लगातार संपर्क में था। मेडिकल कोर में तैनात इस जवान के मोबाइल फोन से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जाता है कि दो वर्षों तक आईएसआई की महिला एजेंट के संपर्क में रहने के दौरान उनके सैकड़ों दफे ह्वाट्सएप पर बात और चैटिंग की

मोबाइल के आईपी एड्रेस से खुलासा

सूत्रों के मुताबिक सेना के मेडिकल कोर में तैनात गणेश कुमार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में करीब दो वर्षों से था। आईएसआई की महिला एजेंट उससे ह्वाट्सएप पर बात करती थी। महिला एजेंट ने खुद को नौसेना का मेडिकल स्टॉफ बताया था। गणेश से बरामद मोबाइल की छानबीन में पता चला कि दो वर्षों के दौरान दोनों ह्वाट्सएप के जरिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने रहे।

गणेश की जब्त माबोइल और आईएसआई की महिला एजेंट का जो नम्बर था उनके आईपी एड्रेस से यह खुलासा हुआ है। दोनों मोबाइल के आईपी एड्रेस लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। हालांकि आईपी एड्रेस में यह पता नहीं चलता कि उनके बीच ह्वाट्सएप पर बातचीत, वीडियो कॉलिंग या चैटिंग हो रही थी। यह मोबाइल की फोरेंसिक जांच और डिलिटेड डाटा के रिकवर होने के बाद सामने आएगी। राज्य और केन्द्रीय एजेंसियां फिलहाल कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही हैं।

गणेश की गतिविधियों पर लम्बे समय से थी नजर 

बताया जाता है कि गणेश कुमार की गिरफ्तारी से काफी पहले से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। केन्द्रीय खुफिया एजेंसी को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उसपर निगरानी बढ़ा दी गई। गणेश, आईएसआई की महिला एजेंट के संपर्क में करीब दो वर्षों से था जब उसकी तैनाती जोधपुर में थी।

बाद में उसका तबादला पुणे स्थित मेडिकल कोर में हो गया। आईएसआई को खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में उसे बिहार एटीएस, मिलीट्री इंटेलिजेंस और पटना पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत 14 नवम्बर को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में बंद है।

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