मधुबनी में युवा पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश झा की हत्या के बाद हर तरफ से आक्रोश देखा जा रहा है। मधुबनी में आज से लेकर विरोध प्रदर्शन भी होने वाला है। सोशल मीडिया के जरिए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। युवा पत्रकार अविनाश झा का शव शनिवार को बरामद किया गया था जो अधजली स्थिति में था। अविनाश झा पिछले कुछ दिनों से चल रहा था। अविनाश के भाई की तरफ से थाने में इसे लेकर एक कम्प्लेन दर्ज करायी गयी थी। अविनाश की हत्या के पीछे बड़े और ताकतवर लोगों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अविनाश की पहचान एक ऐसे युवा पत्रकार के तौर पर रही जो सोशल मीडिया के जरिए मेडिकल माफिया के खिलाफ लगातार खुलासे कर रहा था।

अविनाश के भाई चंद्रशेखर ने 11 नवंबर को उसके गायब होने की एफआईआर दर्ज कराई थी। बेनीपट्टी के लोहिया चौक के पास से अविनाश 9 नवंबर को गायब हो गया था। सीसीटीवी फुटेज में अविनाश को तकरीबन 10 बजे मोबाइल पर बात करते हुए और टहलते हुए देखा गया लेकिन इसके बाद उसका कोई ठिकाना नहीं मिला। पुलिस ने बेनीपट्टी-पुपरी रोड से एक बोरे में बंधा हुआ अविनाश का शव बरामद किया इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बिहार में युवा पत्रकार की हत्या के इस घटना को लेकर पूरे देश में हलचल मची हुई है। उधर एसपी डॉ सत्यप्रकाश दावा कर रहे हैं कि वह इस मामले का जल्द खुलासा कर देंगे।

युवा पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा के निशाने पर मेडिकल माफिया था। वह बेनीपट्टी के फर्जी नर्सिंग होम्स के खिलाफ अभियान चला रहे थे। आरटीआई के जरिए उन्होंने इन फर्जी नर्सिंग होम को लेकर कई जानकारियां हासिल की थी और इससे जुड़ी रिपोर्ट भी प्रकाशित की। अविनाश झा के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर डालने से पता चलता है कि उन्हें इस बात का अंदाजा हो गया था कि वह किन बड़े लोगों से टकरा रहे हैं। अविनाश झा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो बातें लिखते रहे वह इस बात की तस्दीक करता है।

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