इस वक्त खबर आ रही है जहां बिहार के सुपौल में धोखाधड़ी और सरकारी राशि के दुरुपयोग मामले में पूर्व DPO, दो कार्यालय कर्मी समेत 72 शिक्षकों के विरुद्ध सदर थाना में केस दर्ज किया गया है. बता दें मामले को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना राहुल चंद चौधरी द्वारा थाना को आवेदन दिया गया था.

आपको बता दें मामला जिला संवर्ग के 72 सेवानिवृत्त शिक्षकों को बिना जांच पड़ताल किए वेतन भुगतान किए जाने का है. जिसमें तत्कालीन डीपीओ अमर भूषण ने बिना किसी विभागीय आदेश के 72 सेवानिवृत्त शिक्षकों को न सिर्फ पुनर्नियोजन कर दिया गया बल्कि इन शिक्षकों के बीच कार्यरत समय का वेतन भुगतान करने तक का आदेश दे दिया.

जिसके कारण ये शिक्षक अकार्यरत रहने के बाद भी इस दौरान का वेतन पाने में सफल रहे. बता दें पत्र में कहा गया है कि DPO द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को बिना उसके मामले की अलग अलग जांच किए हुए और बिना यह देखे हुए कि इस मामले में न्यायालय द्वारा कोई आदेश पारित है या नहीं इन सभी शिक्षकों को उनके द्वारा एक समान मानते हुए गलत तरीके से पुनर्नियोजन का आदेश पारित कर वर्ष 2016-17 तथा 2017-2018 में उनके वेतनादि का भुगतान करने का आदेश दे दिया गया. इस कारण 3,55,96,817 रुपए की क्षति हुई है.

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