अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान अफवाह फैलने से रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के इरादे से प्रशासन के आदेश पर चार दिन की इंटरनेट बंदी के दौरान इंटरनेट पैक को लेकर हुआ नुकसान एक मोबाइल यूजर को पसंद नहीं आया। आरा के शंकर प्रकाश नामक एक यूजर ने चार दिनों का अपना बचा हुआ डाटा एकमुश्त टेलीकाम कंपनी से पाने के लिए मंगलवार को स्थानीय उपभोक्ता न्यायालय में केस दर्ज कर दिया है। न्यायालय ने उसका मामला सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

दरअसल, इंटरनेट बंदी का नुकसान मोबाइल उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा है। अधिकांश टेलीकाम कंपनियां प्रीपेड प्लान में प्रति दिन उपलब्ध कराने वाले डाटा का पैसा पहले ही ले लेती हैं। स्मार्ट फोन यूजर प्रति दिन औसतन एक जीबी डेटा का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह चार दिनों की नेटबंदी में औसतन प्रति यूजर चार जीबी डाटा का इस्तेमाल नहीं हो सका। यह आंकड़ा करीब 20 लाख जीबी पहुंचता है।

बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर राज्य में तीन दिन तक भारी हंगामा हुआ था। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जिलों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी। इन शहरों में फेसबुक, ट्विटर और वाट्सऐप जैसे इंटरनेट मीडिया पर तस्वीरें, वीडियो या संदेश भेजने पर रोक लगा दी थी। रेलवे, बैंकिंग एवं अन्य सरकारी सेवाएं इससे प्रभावित नहीं थीं।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी तथा तोड़फोड़ करने के मामले में राज्य भर में अब तक 150 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ और अफवाह फैलाने वाले लोगों को उकसाने वालों की पहचान की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं बक्सर में पुलिस पर हमला करते हुए गाड़ी फूंक देने की घटना की छानबीन में किसी संगठित गिरोह की भूमिका बताई गई थी। उपद्रवियों के बीच नक्सलियों के भी शामिल होने के संकेत मिले थे।

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