शराबबंदी को लेकर लापरवाही या गड़बड़ी करनेवाले पुलिस अफसरों और जवानों पर अब तुरंत एक्शन होगा। उनके खिलाफ शुरू विभागीय कार्यवाही या जांच में भी लेटलतीफी नहीं होगी। ऐसे पुलिस कर्मियों पर फील्ड में तैनात आला पुलिस अधिकारी बगैर समय जाया किए कार्रवाई करेंगे। न सिर्फ उन्हें कार्रवाई करनी होगी बल्कि इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भी भेजेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के बाद शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर बिहार पुलिस एक्शन में है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने जिलों के एसएसपी व एसपी के साथ रेंज आईजी-डीआईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  कर कई दिशा-निर्देश दिए हैं। फील्ड में तैनात इन अफसरों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूरत में शराबबंदी कानून को लागू करने में शिथिलता या गड़बड़ी नहीं हो। यदि किसी पुलिस अधिकारी या जवान की शिकायत प्राप्त होती है तो तुरंत उसपर एक्शन लिया जाए। आरोपों की तुरंत विस्तृत जांच कराते हुए दोषी पाए गए पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करें। इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

शराबबंदी कानून को लागू करने में गड़बड़ी या शिथिलता बरतनेवाले ऐसे पुलिसकर्मी जिन पर जांच हो रही है, इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। रेंज आईजी-डीआईजी को इसका जिम्मा दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया है कि कार्रवाई की रिपोर्ट पंद्रह दिन में भेजें। किस रैंक के पुलिस अधिकारी पर क्या आरोप था और जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या सजा दी गई इसका भी जिक्र होगा।

शराबबंदी के बाद पुलिस अफसरों व जवानों पर कार्रवाई
सेवा से बर्खास्त

इंस्पेक्टर-2, 
एसआई- 30, 
एएसआई- 37, 
सिपाही-हवलदार-128, 
चौकीदार-दफादार- 9

पुलिसकर्मियों को दी गई सजा
एक कालांक की सजा (ब्लैक मार्क)- 70, 
दो/तीन कालांक की सजा-167, 
डिमोशन-8

विभागीय कार्यवाही
प्रारंभ की गई विभागीय कार्यवाही-654, 
निष्पादित विभागीय कार्यवाही-526,  
लंबित  विभागीय कार्यवाही-128

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