बिहार के 33 आयोजना प्राधिकारों (प्लानिंग अथॉरिटी) को मजबूत करने व उसके कार्य में तेजी लाने के लिए करीब 296 पदों पर संविदा बहाली होगी. यह बहाली ड्राफ्टसमैन, जीआइएस एक्सपर्ट, अमीन, आइटी मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर व मल्टी टास्किंग स्टाफ के पदों पर की जायेगी. इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग निजी एजेंसी की सेवाएं ले रहा है.

पटना महानगर छोड़ हर आयोजना प्राधिकार में एक-एक पद

विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक ड्राफ्टसमैन के 35, जीआइएस एक्सपर्ट के 33, अमीन के 35, आइटी मैनेजर के 33, कंप्यूटर ऑपरेटर के 64 और मल्टी टास्किंग स्टाफ के कुल 96 पदों पर संविदा नियुक्ति का प्रस्ताव है. इनमें ड्राफ्टसमैन, जीआइएस एक्सपर्ट, अमीन और आइटी मैनेजर के पद पर पटना महानगर छोड़ हर प्राधिकार में एक-एक पद पर बहाली होगी.

विभाग को सालाना 8.15 करोड़ रुपये का खर्च बैठेगा

पटना महानगर में ड्राफ्टसमैन व अमीन के तीन-तीन पद हैं. सभी प्राधिकारों में कंप्यूटर ऑपरेटर के दो-दो जबकि मल्टी टास्किंग स्टाफ के तीन-तीन पदों पर योग्य अभ्यर्थी नियुक्त होंगे. इस पर विभाग को सालाना 8.15 करोड़ रुपये का खर्च बैठेगा.

इन आयोजन प्राधिकारों में की जायेगी बहाली

आरा, अररिया, औरंगाबाद, बगहा, बेगूसराय, बेतिया, भभुआ, बिहारशरीफ, बोधगया, बक्सर, छपरा, दरभंगा, डेहरी, फारबिसगंज, गया, हाजीपुर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया, राजगीर, सहरसा, सासाराम, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान.

60 प्रतिशत सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों के पद खाली

पटना. प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में ऐसे डिग्री कॉलेज जहां सालों से स्थायी प्राचार्य नहीं हैं, वहां स्थायी प्राचार्यों की नियुक्त की तैयारी चल रही है. आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि 260 डिग्री कॉलेजों में से 164 कॉलेजों में अभी कोई स्थायी प्राचार्य नहीं हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग ने पत्र लिख कर सभी विश्वविद्यालयों से रोस्टर क्लियरेंस करा कर प्राचार्यों के रिक्त पदों की संख्या औपचारिक तौर पर मांगी है. जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालयों की ओर से औपचारिक तौर पर रिक्तियों का प्रस्ताव आते ही शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों से जुड़े परिनियम में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव लायेगा.

प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए आयोग को भेजा जाएगा प्रस्ताव

वर्तमान परिनियम में विश्वविद्यालयों में केवल सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियों का प्रावधान है. लिहाजा इस परिनियम में प्राचार्यों की नियुक्तियों से जुड़े प्रावधान व उप बंध शामिल किये जायेंगे. इसकी अनुमति के लिए शिक्षा विभाग बिहार उच्च शिक्षा परिषद के जरिये कुलाधिपति की मंजूरी लेगा. इसके बाद प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजा जायेगा. विश्वविद्यालय सेवा आयोग के जरिये इस तरह की नियुक्ति कराने को लेकर शिक्षा विभाग औपचारिक तौर पर पहले ही निर्णय ले चुका है.

प्रदेश के केवल 96 डिग्री कॉलेजों में हैं स्थायी प्राचार्य

प्रदेश के 260 डिग्री कॉलेजों में केवल 96 में ही स्थायी प्राचार्य हैं. शेष 164 कॉलेजों में यह पद प्रभारियों के भरोसे है. इन पदों पर प्रभारी जमे हैं. चूंकि जवाबदेही स्थायी नहीं है, इसलिए इन कॉलेजों शिक्षण कार्यों में उतनी गतिशीलता नहीं आ पा रही है.

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