● सीएम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की समीक्षा की, दिये कई निर्देश

● बोले, 60 प्रतिशत से ज्यादा अपराध भूमि विवाद के कारण होते हैं

● विवादों के निपटारे में नई तकनीक का उपयोग करेंगे संबंधित अधिकारी


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 60 प्रतिशत से ज्यादा अपराध भूमि विवाद के कारण होते हैं। जमीन का स्पेशल सर्वे का कार्य पूरा होने से भूमि विवाद को लेकर होने वाले झगड़े कम होंगे। इससे लोगों का कल्याण होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्पेशल सर्वे के दौरान जो फाइनल ड्राफ्ट बनेगा, उसका मुख्यालय से एवं जिलाधिकारी के स्तर से भी मॉनिटरिंग कर चेक करा लें, ताकि कहीं कोई त्रुटि न रह जाए। यह सुनिश्चित करें कि इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की एक अणे मार्ग में समीक्षा की और पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आबादी ज्यादा है और क्षेत्रफल कम है। इसके कारण यहां की परिस्थितियां अलग हैं। हमलोगों ने तय किया है कि यहां जमीन का स्पेशल सर्वे किया जाएगा। इसको लेकर एरियल सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद की समस्याओं के निराकरण के लिए सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी और थानेदार संयुक्त रूप से लोगों के साथ बैठक करते हैं। 15 दिनों में एक दिन एसडीओ और एसडीपीओ तथा महीने में एक दिन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठक कर समस्याओं का निराकरण करते हैं। इसमें नई तकनीक का उपयोग करें और विभाग के स्तर से इसकी मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत जब वर्ष 2006 में की गई तो उसमें ज्यादातर भूमि विवाद से जुड़े मामले आते थे। इस पर विचार-विमर्श किया और कानून बनाया गया। भूमि विवाद के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत से ज्यादा अपराध भूमि विवाद के कारण होते हैं

दिसंबर 2023 तक पूरा होगा स्पेशल सर्वे

विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किए जा रहे कार्यों और स्पेशल सर्वे फेज-1, फेज-2 एवं फेज-3 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्पेशल सर्वे फेज-1 के तहत 20 जिले, 89 अंचल, 207 कैंप एवं 5228 गांवों में सितंबर, 2020 से काम शुरू किया गया है। फेज-2 के तहत 20 जिले, 90 अंचल, 197 कैंप एवं 4668 गांवों में जुलाई 2021 से काम शुरू हुआ है। फेज-3 में 18 जिलों, 114 अंचल एवं लगभग 10 हजार गांवों में जनवरी, 2022 से काम शुरू किया जाएगा। स्पेशल सर्वे का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जायेगा।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, अध्यक्ष-सह-सदस्य राजस्व पर्षद संजीव कुमार सिन्हा, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्घार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अनुपम कुमार, निदेशक, लैंड रिकॉर्ड एंड सर्वे जय सिंह एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह उपस्थित थे।

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