बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए कोरोना वैक्सीन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अगले महीने शुरू होने वाली मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में शामिल होने वाले किशोरों को 26 जनवरी से कोरोना का टीका दिया जाएगा। संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों के डीएम और सिविल सर्जन को पत्र लिखते हुए कहा है कि हर हाल में राज्य के 15 से 18 साल के किशोर और किशोरियों को टीका लगाया जाए। अगले महीने होने वाली मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के साथ-साथ सीबीएसई ओर आईसीएसई बोर्ड के परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को भी टीका लग जाए यह सुनिश्चित किया जाए।

किशोरों में टीकाकरण को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक कोरोना टीका लगवाने में सरकारी स्कूल के छात्र रुचि नहीं ले रहे हैं। ज्यादातर निजी स्कूलों में 80 फीसदी से अधिक छात्रों को टीका लगाया जा चुका है। वहीं, सरकारी स्कूल के 25 फीसदी बच्चों को टीका दिया गया है। अब पटना डीईओ ने सभी स्कूलों से 9वीं से 12वीं तक के नामांकित विद्यार्थी की संख्या मांगी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों को टीका लगाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में दो जनवरी से टीकाकरण शुरू किया गया। अब दस दिन से अधिक होने के बाद भी सरकारी स्कूल में 25 फीसदी किशोरों ने ही टीका लगवाया है।

बिहार में शुक्रवार को कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत 2 लाख 38 हजार 833 कोरोना टीके लगे। इनमें 15-17 साल के किशोरों को 69 हजार 215 टीके लगे। 14209 बूस्टर डोज भी दिए गए। राज्य में शुक्रवार को अपेक्षाकृत टीकाकरण कम हुआ। 18-44 साल के व्यक्तियों को 1 लाख 19 हजार 207 टीके लगे तथा 45 से ऊपर के व्यक्तियों को 36202 टीके दिये गये। सबसे अधिक 18036 टीके पूर्वी चंपारण में तथा 15336 टीके सारण में लगे। गया में 14902, मुजफ्फरपुर में 14055 टीके लगे। सबसे कम लखीसराय में 396 और खगड़िया में 1124 टीके दिए गए।

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