पटना के पत्रकारनगर थाने की पुलिस ने ऐसे साइबर अपराधियों के गिरोह का खुलासा किया है जो इंटरनेट व वाट्सएप पर लोन, ईनाम जीतने, केवाईसी अपडेट कराने समेत कई तरह का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। पिछले चार साल से पटना समेत बिहार के नवादा, वैशाली, औरंगाबाद, नालंदा समेत कई जिलों में सक्रिय यह गिरोह अबतक एक करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है।

इसका खुलासा पत्रकारनगर थाने की पुलिस ने गिरोह के शातिर गौतम कुमार को गिरफ्तार कर किया है। वह मूल रूप से नवादा जिले के मीरचक वारिसलीगंज का रहनेवाला है। गिरोह का सरगना संतोष कुमार भी नवादा के मीरबिगहा वारिसलीगंज का ही रहनेवाला है, जबकि गिरोह में मुकेश कुमार पुत्र प्रमोद कुमार नोएडा सेक्टर 86 याकुबपुर गौतमबुद्घ नगर यूपी भी शामिल होना पाया गया है। इस गिरोह में सरगना समेत कुल 10 सदस्य शामिल रहे हैं, जिनमें रवींद्र नाथ चौधरी पुत्र अजेंद्र नाथ चौधरी निवासी खानवां नरहट, राकेश कुमार पुत्र रामधनी प्रसाद अब्बुमहमदपुर बख्तियारपुर, गजेंद्र नाथ भुइयां खनवां नरहट नवादा तथा बख्तियारपुर का ओंकार, आदर्श कुमार पुत्र सुरेश प्रसाद निवासी झौर कोंच गांव वारसलीगंज, गौरव कुमार पुत्र महेश निवासी झौर कोंच गांव वारिसलीगंज आदि शामिल हैं। ये सभी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है।

बैंकों में खुलवाए फर्जी खातों में रकम करते थे ट्रांसफर

पत्रकारनगर थाना प्रभारी मनोरंजन भारती ने बताया कि पत्रकार नगर थाने की पुलिस को रविवार की दोपहर गश्ती के दौरान यह सफलता मिली। दरअसल, हनुमाननगर स्थित काली मंदिर रोड सावित्री सदन के पास से पुलिस गश्ती कर रही थी। तभी सड़क पर दो बाइक लगी थी, जिस पर चार लोग थे। चारों के पीठ पर बैग टंगे थे। चारों युवक पुलिस को देख बाइक स्टार्ट कर भागने लगे। इसी में एक युवक की बाइक स्टार्ट नहीं हो सकी। शक होने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया जबकि दूसरी बाइक से तीन युवक भाग निकले। पकड़े गये युवक की जब तलाशी ली गयी तो उसके पॉकेट से चार डेबिट कार्ड निकले और 50 हजार नगदी बरामद हुई। बैग की तलाश में कई खातों के पासबुक, चेक बुक, मोबाइल आदि बरामद हुआ।

पूछताछ में पकड़े गए आरोपित ने अपना नाम 23 वर्षीय गौतम कुमार बताया। बताया कि वह साइबर ठग है। फरार साथी उसके दोस्त हैं, जिसमें नवादा का सरगना संतोष भी शामिल है। बताया कि गिरोह द्वारा विभिन्न बैंकों में दूसरों के नाम फर्जी खाते खुलवाए गए थे। इन खातों का एटीएम उनके व सरगना के पास रहता है। लोन देने, केवाईसी अपडेट करने, ईनाम जीतने समेत तरह-तरह के प्रलोभन देकर वह लोगों के खातों से रकम उड़ाकर इन्हीं बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। बाद में एटीएम कार्ड के जरिए उक्त रकम को निकालकर गिरोह के सरगना को दे देते थे। सरगना की ओर से रकम निकासी के एवज में रहने-खाने-पीने के साथ ही मोटा कमीशन दिया जाता था। पुलिस आरोपित के कब्जे से बरामद बाइक का भी सत्यापन कर रही है

शातिर के कब्जे से बरामदगी

एक बाइक, 50 हजार रुपये नगदी, आईडीएफसी बैंक का वीसा, श्रवण सिंह के नाम से डेविड कार्ड, नौ मोबाइल, लैपटाप, छह ख्रातों के पासबुक, तीन चेक बुक, 16 डेबिट कार्ड, सात आधार व चार पैन कार्ड। जो चारों पैन कार्ड बरामद हुए हैं वे मुकेश कुमार, आदर्श कुमार, रवींद्र नाथ चौधरी व गौरव कुमार तथा सात आधार कार्ड मुकेश कुमार निवासी याकुबपुर गौतमबुद्ध नगर नोएडा यूपी, आदर्श कुमार वारसलीगंज, रवींद्र नाथ चौधरी नरहट नवादा, गौरव कुमार वारसलीगंज, राकेश कुमार, अब्बुमहमदपुर बख्तियारपुर तथा गजेंद्र नाथ भुइयां, खनवां नरहट नवादा का नाम अंकित पाया गया है।

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