बिहार में 90 हजार प्राथमिक शिक्षक बहाली मामले को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी एक बार फिर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं. गर्दनीबाग धरनास्थल पर आज शिक्षक अभ्यर्थी धरना देंगे. जिन अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है, उनके सर्टिफिकेट की जांच करने के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान किया है.

बता दें शिक्षक कैंडिडेट यह मांग कर रहे हैं कि जिन जगहों पर काउंसलिंग नहीं हुई है, वहां जल्द काउंसलिंग कराई जाए. साथ ही जिन अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है, उनके सर्टिफिकेट की जांच करने के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाए. लेकिन सरकार का यह कहना है कि जब तक काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक हम अभ्यर्थियों के सभी सर्टिफिकेट की जांच पूरी नहीं कर पाएंगे और अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट की जांच पूरी होने के बाद ही शिक्षा विभाग उन्हें नियुक्ति पत्र देगा.

वहीं इस बारे में NIOS DLD संघ के प्रेसिडेंट पप्पू कुमार ने कहा कि शिक्षक कैंडिडेट पिछले कई महीनों से शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के ऑफिस के चक्कर लगाकर थक चुके हैं. वहीं 5 महीने से सर्टिफिकेट जांच के नाम पर नियुक्ति पत्र भी नहीं मिला है. कई नियोजन इकाइयों में नियोजन रद्द किया गया है जो कहीं से उचित नहीं है.पप्पू कुमार ने कहा कि किसी नियोजन इकाई में अगर एक या दो अभ्यर्थी फर्जी निकलते हैं तो नियोजन इकाई उस पूरे नियोजन को रद्द कर देती है. इसका खामियाजा निर्दोष अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ता है.

जहां शिक्षक कैंडिडेट ने कहा है कि शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि निराश होकर वे लोग आज से गर्दनीबाग में शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट करने के लिए मजबूर हुए हैं. हमलोग शिक्षा विभाग और सरकार से मांग करते हैं कि चयनित कैंडिडेट को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दिया जाए और बाकी बची हुई सीटों पर काउंसलिंग जल्द से जल्द कराई जाए. साथ की काउंसलिंग में आने वाली समस्याओं का निराकरण भी जल्द होना चाहिए.



आपको बता दें कि प्रारंभिक शिक्षकों के 90,762 पदों पर छठे चरण के नियोजन की प्रक्रिया वर्ष 2019 में शुरू हुई थी जो अब तक पूरी नहीं हुई है. वहीं इस साल जुलाई और अगस्त महीने में दो राउंड की काउंसलिंग में 38 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है लेकिन उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है जबकि उनके सर्टिफिकेट शिक्षा विभाग के पास जमा है.

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