रायपुर में करीब दो महीने पहले हुई महिला की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. जब्बार नाले में मिली युवती की लाश के बाद पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी. पुलिस ने युवती के कातिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. हत्यारों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी साजिश रची थी, लेकिन इसमें वे कामयाब नहीं हो सके और आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए. रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने खुलासा किया है.

गौरतलब है कि 25 सितंबर को थाना खम्हारडीह में जब्बार नाला पुल के नीचे युवती का शव सड़ी-गली हालत में मिला था. शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने इसकी शिनाख्त शुरू कर दी थी. हालांकि, इसमें सफलता नहीं मिली. इसी बीच, युवती के कातिलों ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसी से पुलिस को केस में लीड मिल गई. पुलिस ने शव और गुमशुदा युवती की तस्वीर का मिलान किया तो पता चला कि मृतका का नाम संध्या सार्वा था. पुलिस ने संध्या की बहन सरिता दीप से पूछताछ की तो पता चला कि वो 22 सितंबर की रात घर से बाहर निकल गई थी, लेकिन उसके बाद नहीं आई. 

अवैध संबंध बना हत्या का कारण
संध्या की हत्या के पीछे अवैध संबंध बताया जा रहा है. खबर के मुताबिक, संध्या का अपने जीजा के साथ अवैध संबंध था. ये अवैध संबंध उसकी हत्या की वजह बन गया. पुलिस ने बताया कि सख्ताई से पूछताछ करने पर कातिलों ने जीजा-साली के बीच अवैध संबध को कबूला. पुलिस ने बताया की संध्या का अपने जीजा के साथ अवैध संबंध था. संध्या, उसकी दीदी सरिता और जीजा लक्ष्मण एक ही घर में रहते थे. संध्या और लक्ष्मण के अवैध संबंधों के चलते रोजाना झगड़ा होता था. इसी से परेशान होकर संध्या ने जीजा और बहन दोनों को ही घर से निकल जाने को कहा था. तभी से सरिता और लक्ष्मण दीप ने संध्या की हत्या की योजना बना डाली थी. 

लक्ष्मण ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर संध्या का गला घोटकर उसे मौत के घाट उतार दिया. हत्या में मदद के लिए लक्ष्मण ने अपने दो साथियों को 10-10 हजार रुपये भी दिए. चारों लोग शव को एक्टिवा में रखकर ले गए और जब्बार नाला में फेंक दिया. संध्या के मोबाइल को दुर्ग जिले की एक नदी में फेंक दिया. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

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