अरवल के करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा बंध्याकरण (नसबंदी) किए जाने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल 24 नवंबर को कैंप लगाकर करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 21 महिलाओं का बंध्याकरण किया जाना था। इसे लेकर एक सर्जन की नियुक्ति की गई थी। 

सूत्रों के अनुसार निजी नर्सिंग होम चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टर उपेंद्र कुमार को भी ऑपरेशन के लिए बुला लिया गया। वे बुलावे पर अस्पताल पहुंचे और 10 महिलाओं का ऑपरेशन कर दिया। इसी दौरान झोलाछाप डॉक्टर द्वारा किए जा रहे ऑपरेशन का वीडियो मरीज के परिजनों ने बना लिया। अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक सर्जन महिला का ऑपरेशन कर रहे हैं तो वहीं उनके ठीक दूसरी तरफ एक झोलाछाप डॉक्टर भी बंध्याकरण का ऑपरेशन करते नजर आ रहे हैं। इस दरम्यान अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मी उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। ऑपरेशन थिएटर बिल्कुल खुला हुआ है। किसी तरह की प्राइवेसी नहीं है और महिलाओं का ऑपरेशन किया जा रहा है। 

झोलाछाप डॉक्टर ऑपरेशन के बाद बाहर निकलता है और बताता है कि लगभग 20 से अधिक लोगों का अभी ऑपरेशन होना बाकी है। अब तक हमने 10 से अधिक लोगों का ऑपरेशन कर दिया। मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि सरकारी अस्पताल में झोलाछाप डॉक्टर का इलाज करना बिल्कुल ही गलत है। आखिर इस अस्पताल में झोलाछाप डॉक्टर कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जाएगी। जो भी वहां सर्जन नियुक्त किए गए हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएम जे प्रियदर्शनी ने कहा कि पहले वीडियो की जांच की जाएगी तभी कुछ भी कहा जा सकता है। सरकारी अस्पताल में झोलाछाप डॉक्टर का इलाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है और अगर ऐसा हुआ है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।

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