कभी दिल्ली में चलती बस के अंदर दरिंदों ने हैवानियत की सीमाएं लांघकर दामिनी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. बिहार में भी एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चलती ट्रेन को रोककर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और हत्या कर शव फेंकने का मामला सामने आया है.

बिहार के औरंगाबाद जिले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले पर हंगामा मचा हुआ है. चलती ट्रेन को वैक्यूम कर रोक मनचलों के द्वारा एक युवती को नीचे उतारने और सूनसान जगह पर ले जाकर सामूहिक बलात्कार करके पीड़िता की हत्या करने का मामला सामने आया है. परिजनों ने शव को अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा किया है

शॉपिंग से लौटने के दौरान मृतका की ननद रफीगंज स्टेशन पर छूट गई. पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के जाखिम स्टेशन पर युवती उतर गइ और अपनी जेठानी को वहीं छोड़कर अकेली ही ननद को लेने चली गयीं. इस दौरान युवती ने धनबाद इंटरसिटी ट्रेन पकड़ा और इसी ट्रेन से वह रफीगंज जा रही थी. इस दौरान ट्रेन में कुछ मनचलों ने उसे निशाना बना लिया. युवती को अकेला देखकर जाखिम एवं देव रोड स्टेशन के बीच ट्रेन को वैक्यूम कर रोक दिया गया और जबरन युवती को वहां उतार लिया.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मनचलों ने युवती को ट्रेन से उतारकर रफीगंज थाना क्षेत्र के गरवा गांव के बधार में ले गये और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. इसके बाद युवती की हत्या करके सभी मनचले भाग गये और शव को वहीं फेंक दिया.

युवती जब अपने घर नहीं लौटी तो परिजन चिंता में डूब गये. उन्होंने फेजर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. लेकिन शुक्रवार की शाम रफीगंज थाना क्षेत्र में युवती का शव पाया गया. शव का पोस्टमार्टम शनिवार को कराने जब पुलिस अस्पताल पहुंची तो मृतका के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गये और अस्पताल के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया.

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