राज्य के निबंधित कल-कारखानों में आठ घंटे से अधिक काम कराने पर कामगारों को अब दोगुना वेतन देना होगा. इसे लेकर श्रम संसाधन विभाग ने नियमावली बना दी है.

इस निर्णय का लाभ राज्यभर के निबंधित आठ हजार से अधिक कारखानों के दो लाख से अधिक कामगारों को होगा. पूर्व में ओवरटाइम के नाम पर कामगारों से काम लिया जाता रहा है, लेकिन उस ओवरटाइम का पैसा घंटा के मुताबिक दिया जाता था.

नयी नियमावली में यह साफ किया गया है कि आठ घंटे से अधिक काम कराने पर कारखाना मालिक को कामगारों को दोगुना वेतन देना होगा. विभाग ने कामगारों व नियोक्ताओं के बीच बेहतर संबंध बनाने के लिए नियमावली बनायी है.

इसके तहत तय किया गया है कि निबंधित कारखानों में काम करने वाले कामगारों से तय अवधि में ही काम लिया जाये. एक कामगार से अधिकतम आठ घंटे ही काम लिया जायेगा.

इस तरह सप्ताह में एक साप्ताहिक अवकाश को मिला कर कामगार से अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा. कामगार अब सप्ताह में 48 घंटे के अनुसार एक दिन में आठ घंटे ही काम करेंगे.

अगर इससे अधिक काम कराया गया, तो कामगारों को वेतन की साधारण दर की दोगुना दर से वेतन देना होगा. वही, जिस फैक्टरी में 500 कामगार होंगे, वहां एक सुरक्षा अधिकारी बहाल किये जायेंगे.

इससे अधिक कामगार होने पर अतिरिक्त कामगारों की बहाली की जायेगी. खतरनाक प्रक्रिया वाले कारखानों में 250 कामगारों पर ही एक सुरक्षा अधिकारी बहाल होंगे. साथ ही सुरक्षा समिति गठित की जायेगी, जिसमें नियोक्ता के अलावा कामगारों का प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.

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