बिहार में कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को लेकर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पटना में टीका लिए बगैर लोगों को सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया और इस सर्टिफिकेट को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है। पटना में तीन टीकाकरण केंद्रों पर अब तक ऐसे 50 मामले पकड़ में आ चुके हैं। इसका खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति है। इन चार टीकाकरण केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस जारी किया गया साथ ही साथ पटना की सिविल सर्जन ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब की है।

दरअसल पटना के टीका केंद्र की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है। पाटलिपुत्र स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, कंकड़बाग के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि यहां 50 ऐसे लोगों के सर्टिफिकेट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली। पटना की सिविल सर्जन डॉ वीणा कुमारी के मुताबिक के उनकी जानकारी में 5 ऐसे मामले आए थे, जिसपे संबंधित टीकाकरण केंद्र के प्रभारी को शो कॉज किया गया है। अब तक तो शो कॉज का जवाब नहीं मिला है। पटना सिविल सर्जन ने कहा है कि वह इस बात की जानकारी ले रही है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। इस मामले में एक एक्सपर्ट की भी राय ली जा रही है। यह मामला कहीं सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से तो नहीं हो रहा। पटना सिविल सर्जन इस पूरे मामले की जांच करवा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार पटना के अलावा राज्य के कई अन्य जिलों से भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। छानबीन में पता चला है कि दूसरी डोज का फर्जी सर्टिफिकेट ऐसे ही लोगों का जारी किया गया है जो निर्धारित समय पर डोज नहीं ले पाए थे। कोरोना के नए वेरिएंट की देश में दस्तक की खबर सुन अब लोग दूसरी डोज लेने के लिए जब केंद्र पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें जानकारी दी जा रही है कि आपने डोज ले ली है। यह मामला पटना से अधिक राज्य के कई अन्य जिलों में है।

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