भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. नेपाल सरकार ने भारत के लोगों के लिए पासपोर्ट तो नहीं लेकिन पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है. अब बिना पहचान पत्र के कोई भारतीय नागरिक नेपाल की सीमा में नहीं जा सकता है

नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फणीन्द्रमणी पोखरेल ने बताया कि यह नियम अभी लागू नहीं किया गया है, लेकिन इसकी तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. नेपाल सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि खुली सीमा का फायदा उठाते हुए गैर भारतीय नागरिक आसानी से नेपाल में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे नेपाल की आंतरिक सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है.

नेपाल पुलिस ने पिछले दिनों काठमांडू के एक होटल में अफगानिस्तान के 11 नागरिकों को गिरफ्तारी किया था. जांच में पता चला कि वो लोग सीमा पार कर नेपाल आये हैं. 6 नागरिकों के पास भारत का फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ था. इस के बाद भारत और नेपाल की खुफिया एजेंसी में हड़कंप मच गया. इसके बाद आंतरिक सुरक्षा का हवाला देते हुए नेपाल ने यह कदम उठाया है.

पहले भी उठा है मामला

नेपाल ने भारत से भी इस प्रकार के नियम लागू करने का अनुरोध किया है. नेपाल पहले भी यह अनुरोध करता रहा है. बेंगलुरु में हुई बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया गया था और कहा गया था कि भारत और नेपाल की खुली सीमा का लाभ उठाकर अवैध घुसपैठ किया जाता है. तीसरे देश के नागरिक द्वारा सीमा पार की घटना पर रोक लगाने को लेकर संयुक्त रूप से कारगर कदम उठाने की जरुरत है.

नेपाल सरकार के इस ताजा निर्णय के बाद सीमावर्ती इलाकों में हलचल है. यहां के कई लोगों का रिश्ता नेपाल से है. ऐसे में लोगों का मनना है कि सीमा पर चौकसी बढ़ने से उनका नेपाल आना जाना मुश्किल होता जायेगा

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