लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा के दौरान आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा। कल 10 नवम्बर बुधवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और 11 नवम्बर गुरुवार को उदयगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाएगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गये आकड़े के अनुसार राज्य में 10 नवम्बर को सूर्यास्त शाम 4.51 से 5.10 अपराह्न के बीच होगा जबकि 11 नवंबर की सुबह सुर्योदय 5.54 से 6.09 पूर्वाह्न के बीच होगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक विवेक सिन्हा ने बताया कि छठ महापर्व के दौरान 9 से 11 नवंबर के बीच आसमान साफ और मौसम शुष्क बना रहेगा। 10 नवंबर को अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और 11 नवंबर की सुबह न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

सूर्य उपासना का महापर्व छठ के दूसरे दिन आज खरना का धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया जा रहा है। खरना पूजन के लिए छठी मइया के लिए माटी के चूल्हे पर नए बर्तन में गुड़ व चावल से खीर बनाई जा रही है। इसके अलावा गुड़ की पुड़ियां, सादी पुड़ियां और अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां बनाकर छठी मइया के लिए केले के पत्ते में प्रसाद निकाला जाएगा। छठी मइया को भोग लगाने के बाद व्रतियों इसी प्रसाद को ग्रहण करेंगी और घर के सदस्यों को भी कराएगी।

इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। कल बुधवार को डूबते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। फिर अगले दिन गुरुवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद ही भोजन का सेवन करेंगी। पारण के साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा। कल व्रती तालाबों व जलाशयों में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था की डुबकी लगाएंगी। जबकि अगले दिन गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही नेम निष्ठा का यह पर्व संपन्न हो जाएगा। जिसके बाद परिवार जनों व अन्य लोगों के बीच छठ पूजा के प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

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