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भागलपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ दुषकर्म के मामले में आरोपी के माता-पिता को दोषी करार दिया गया है क्योंकि दुष्कर्म का आरोपी नाबालिग है। आरोपी के माता-पिता पर अपने बच्चे को नही संभालने का आरोप है। कहा गया है कि माता-पिता ने अपने बेटे को सहयोग किया जबकि उन्हें उसे समझाकर इस अपराध से रोकना चाहिए था। लड़के पर नाबालिग लड़की को धोखे से अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म करने का  आरोप है। पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल जज आनंद कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी लड़के के पिता सुभाष मंडल और मां संयुक्ता देवी को दोषी करार दिया। मामला बाथ थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 

9 दिसम्बर पर सजा के बिन्दु पर बहस

नौ दिसंबर को दोषियों को सजा के बिंदु पर बहस होगी। सरकार की तरफ से बहस करने वाले पॉक्सो के विशेष पीपी शंकर जयकिशन मंडल ने बताया कि इस मामले में 08 सितंबर 2016 को केस दर्ज किया गया था। दर्ज केस के मुताबिक, आरोपी लड़का पीड़िता के बहन का देवर लगता है।

रक्षाबंधन के दिन किया दुष्कर्म

सितम्बर 2016 में रक्षाबंधन के दिन धोखे से अपनी बाइक पर बिठा लिया और बोला कि उसकी बहन के पास लेकर जायेगा। लेकिन आरोपी पीड़िता को उसकी बहन के घर नही ले जाकर बांका के शंभूगंज स्थित अपने घर ले गया। अपने घर ले जाकर आरोपी उसके साथ गलत किया।

माता-पिता ने दिया साथ

वहां से माता-पिता ने पीड़िता को घर भेजने के बदले बाहर भगा दिया। आरोपी उसे लेकर दिल्ली चला गया। इसमें नाबालिग आरोपी के पिता और मां ने उसकी मदद की। लड़के को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया था। यह भी बताया गया है कि पीड़िता अपने रिश्तेदार के सुल्तानगंज स्थित घर में रहकर पढ़ाई करती थी।

input : hindustan

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