: गोरखनाथ मठ पर तैनात सीआरपीएफ जवानों पर हमले का आरोपी मुर्तजा अब्बास एक वीडियो में अपने अपराध को कुबूल करता हुआ दिख रहा है. उसका कहना है कि मुस्लिमों के साथ बहुत गलत हो रहा है. सीएए और एनआरसी में भी मुस्लिमों के साथ सबकुछ गलत हुआ. ऐसे में किसी न किसी को तो आवाज उठानी ही थी. इसीलिए गोरखनाथ मठ पर हमला किया. मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिम समुदाय को पूरी दुनिया परेशान कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मुर्तजा ने बताया कि 2017 में इंटरनेट पर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखने लगा. यहीं उसको ऐसे विचार आने लगे कि वो जन्नत में है और अल्लाह उससे खफा है.

बैंक खातों में रुपये भेजकर फंडिंग मुहैया कराई

जांच एजेंसी को पता चला है कि आतंकी के मरने पर खुशी मनाने पर मुर्तजा अपने दोस्तों से नाराज हो जाता था. साथियों से बातचीत के बाद पता चला कि अगर कोई आतंकी पकड़ा या मारा जाता था तो उसके साथ पढ़ने वाले खुशी जाहिर करते थे. इस बात पर भी वह नाराज हो जाता था. वह ऐसे दोस्तों से बात बंद कर देता था. पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले तक मुर्तजा ने कई बैंक खातों में रुपये भेजकर फंडिंग मुहैया कराई थी. बता दें कि कोर्ट से वारंट बी और रिमांड हासिल कर एटीएस की टीम मुर्तजा को लेकर लखनऊ चली गई है. लखनऊ में ही पूछताछ चल रही है. जानकारी के मुताबिक, मुर्तजा के पकड़े जाने के बाद से ही एटीएस, एसटीएफ और पुलिस मामले की जांच कर रही है. प्रतिदिन इसके बारे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं.

अवलाकी अलकायदा के लिए करता था काम

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पर हमले का आरोपित अहमद मुर्तजा अब्बासी मुंबई में बीटेक करने के दौरान आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया था. उसने आईएसआईएस के आतंकवादियों से प्रभावित होकर साल 2012 से 2015 के बीच नेपाल के बैंकों के जरिए कुछ रकम सीरिया भेजी थी. इसी तरह उसने बीते डेढ़ वर्ष के दौरान आठ लाख रुपये नेपाली बैंकों के जरिए सीरिया में आतंकी संगठनों को दुनिया भर में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म को खत्म करने के नाम पर ट्रांसफर किए थे. वह जाकिर नाइक और अबू हमजा जैसे आतंकियों के भड़काऊ वीडियो देखता था और मुर्तजा यमन व अमेरिकी इमाम अनवर नासिर अल अवलाकी से प्रभावित था. अवलाकी अलकायदा के लिए काम करता था जिसे वर्ष 2011 में अमेरिका ने यमन में एक ड्रोन हमले में मार गिराया था.

Leave a Reply