नेपाल के साथ भारत का रिश्ता बेटी -रोटी का यूं ही नहीं कहा जाता। नेपाल के साथ सामाजिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध हैं। और इन संबंधों की तासीर गुरुवार रात एकबार फिर बखूबी दिखाई पड़ी जब आग सीमावर्ती सोनबरसा में लगी थी और बेचैनी सीमा पार त्रिभुवन नगर में हो रही थी।

सोनबरसा के सरकारी हाट बाजार में लगी भीषण अगलगी को बुझाने में जब पानी कम पड़ने लगा तो दोनों देशों के आवागमन के सारे. नियम-कायदे को भुलाकर इधर से एसएसबी के जवान तो उधर से आर्म्ड पुलिस फोर्स’ (एपीएफ) मदद में हाथ बंढाया।

सीतामढ़ी की दो बड़ी फायर ब्रिगेड नेपाल के अंदर घुसी और त्रिभुवन नगर से दो खेप टंकी में पानी भरकर लाई जिससे आग बुझाने में मदद मिली। इस प्रकार नेपाल ने ऐन वक्त पर अपने रिश्ते को बखूबी निभाया नहीं होता तो शायद क्षति और भी कई गुना हो सकती थी

नेपाल की तरफ से इस मदद के बाद सीमावर्ती गांवों के लोग भी उसकी दरियादिली के कायल हो गए हैं। नेपाल से हमारा संबंध हमेशा से मधुर रहा है। मगर, हाल के वर्षों में किन्हीं कारणों से उसमें कड़वाहट आती रहती है। • बहरहाल, तमाम जद्दोजहद के बीच • सीमावर्ती गांवों के लोग नेपाल को अपना मानते हैं।

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