राजधानी पटना के हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ कॉलोनी स्थित लव-कुश अपार्टमेंट के ब्लॉक बी का फ्लैट संख्या 108 जिश्मफरोशी का अड्डा बन गया था। सौदा तय होने पर ज्यादातर यहीं पर रातें रंगीन होती थीं। ग्राहकों के बुलावे पर गिरोह में फंसी युवतियों को होटलों व अन्य ठिकानों पर भेजा जाता था। पुलिस ने यह खुलासा सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करके किया है। गिरोह की संचालिका दानापुर की सुमन व सिफानी ने पूछताछ में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी दी है।

वहीं, जेल भेजे गए आरोपित अंकित, गुड्डू कुरैशी व धनंजय गिरि के कब्जे से मिली लाल डायरी में पुलिस को सौ से अधिक संदिग्धों के नंबर मिले हैं। इनमें ज्यादातर नंबर बंद मिले हैं। सीडीआर के जरिए पुलिस उक्त नंबरों को खंगालकर ऐसे कई लोगों के चेहरे बेनकाब करने के प्रयास में जुटी है, जो जिश्मफरोशी के अड्डे पर रातें रंगीन करने के आदी बन गए थे। इस कड़ी में पुलिस अपार्टमेंट के आगंतुक रजिस्टर में दर्ज नाम-पते की भी जांच करेगी।

दोस्त व रिश्तेदार बनकर आते थे ग्राहक

अपार्टमेंट में रहनेवाले लोगों को सेक्स रैकेट के बारे में किसी तरह का शक न हो, इसके लिए आरोपित बेहद सावधानी बरतते थे। अपार्टमेंट में दाखिल होने के बाद ग्राहक अपने को सुमन का रिश्तेदार व दोस्त बताते थे। ऐसे में उन्हें फ्लैट में दाखिल होने की इजाजत मिल जाती थी। कमरे से कोई चीख-पुकार बाहर न आ सके, इसके लिए साउंड व टेलीविजन का वैल्यूम तेज कर दिया जाता था, लेकिन फ्लैट में चल रहे सेक्स रैकेट की खबर पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने दो महिला समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। 

कोर्ट में दर्ज कराया गया पीड़िताओं का बयान

छापेमारी में पकड़े गए तीन पुरुष आरोपितों खगड़िया के अंकित कुमार, पश्चिमी चंपारण के धनंजय गिरि तथा कोठी कुर्बान दानापुर का गुड्डू कुरैशी तथा सेक्स रैकेट चलाने वाली दो महिलाओं में पानापुर की सुमन देवी व अरवल की सिफानी देवी को हवाई अड्डा थाने की पुलिस ने रविवार को ही जेल भेज दिया था, जबकि तीनों पीड़िताएं पुलिस की निगरानी में थीं। हवाई अड्डा थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि सोमवार को तीनों पीड़िताओं को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जहां उनके बयान दर्ज किए गए हैं। कोर्ट के आदेश पर तीनों पीड़िताओं का मेडिकल कराया जाएगा। यदि पीड़िताओं के परिजन सामने नहीं आए तो कोर्ट की अनुमति से उनका पुनर्वास तथा काउंसिलिंग कराई जाएगी ताकि वे सेक्स रैकेट के दलदल से बाहर आकर नई जिंदगी जी सकें।

आरोपितों का खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास

सेक्स रैकेट में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए अंकित, गुड्डू कुरैशी व धनंजय गिरि का आपराधिक इतिहास खंगालने में पुलिस जुटी है, लेकिन अबतक उनके आपराधिक कारनामों का रिकॉर्ड पता नहीं चल सका है। सूत्रों की मानें तो अपनी पत्नी से देह व्यापार कराने वाला आरोपित धनंजय गिरि सनोखर थाना रामनगर जिला पश्चिमी चंपारण का रहनेवाला है, जो कि बेहद शातिर है। पूर्व में भी उसकी संलिप्तता सेक्स रैकेट मामले में उजागर हुई थी। हवाई अड्डा थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि आपराधिक रिकार्ड सामने आने पर ही इसकी सत्यतता का पता चलेगा।

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