बिहार में ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का ट्रेनिंग सेशन आज से शुरू हो रहा है। जिलों में सोमवार से इन जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 27 जून से 10 अगस्त तक जिला परिषद सदस्य से लेकर उपमुखिया तक को प्रशिक्षित करने का टास्क पंचायती राज विभाग ने जिलों को दिया है। इसको लेकर विभाग के प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह ने सभी डीएम और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

पंचायती राज विभाग ने जिलों से कहा है कि 45 दिनों के अंदर जिला परिषद सदस्य, प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया और उपमुखियों को प्रशिक्षण देना है। इनमें सबसे पहले जिला परिषद सदस्यों, प्रखंड प्रमुखों और उपप्रमुखों को जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रखंड स्तर पर अन्य प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिवसीय होंगे। आगे के चरण में वार्ड सदस्यों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनरों का चयन पहले ही कर लिया गया है।

इस प्रशिक्षण को लेकर सरकार का मकसद बेहद साफ है। पंचायत प्रतिनिधियों को उनके दायित्व और अधिकार के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही पंचायती राज विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं और उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताया जाएगा। इससे संबंधित पुस्तिकाएं भी प्रतिनिधियों को दी जाएंगी, जिससे कोई भी कार्य को समझने में सहायता मिलेगी।