शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने हर जिले में 50 किमी की दूरी पर एक गश्तीदल लगाया है. यह गश्ती दल सड़क से लेकर नदियों तक शराब की तस्करी पर गहरी नजर रखेगा. नदियों से की जा रही शराब तस्करी को रोकने वाले गश्ती दल को विशेष रुप से नाव और मोटरबोट उपलब्ध कराया गया है. अवैध शराब कहां बनायी जा रही है, इसका पता ड्रोन से लगाया जायेगा. सोमवार को उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने प्रेस कॉन्फरेंस में यह जानकारी दी.

पुलिस विभाग में प्रतिनियुक्त गृह रक्षक व सैप वापस मांगे

उत्पाद आयुक्त ने बताया कि छापेमारी अभियान तेज करने और विभाग को सशक्त बनाने के लिए बिहार पुलिस विभाग से तीन डीएसपी, 11 इंस्पेक्टर, 104 दरोगा और 244 सिपाही की प्रतिनियुक्त का आग्रह किया गया है. साथ ही पुलिस विभाग में प्रतिनियुक्त गृह रक्षक और सैप बलों को आवश्कतानुसार मद निषेध विभाग में वापस प्रतिनियुक्त की जा रही है.

उन्होंने बताया कि शराब पीने वालों की धर-पकड़ तेज करने के लिए विभाग ने पर्याप्त संख्या में ब्रेथ एनालाइजर की खरीद की निविदा निकाली है. इसे हर गश्तीदल को उपलब्ध कराया जायेगा. गुप्त सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हे इनाम दिया जायेगा. इसके लिए जिलों को पर्याप्त राशि का आवंटन किया जा रहा है. जिलों में छापेमारी और गश्ती के लिए गाड़ी और इंधन की व्यवस्था की जा रही है.

होम डिलिवरी रोकने के लिए बनेगा एक्शन प्लान

उत्पाद आयुक ने बताया कि सभी जिलों, खासकर पटना जिले में होम डिलिवरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन से एक्शन प्लान मांगा गया है. इसको लेकर पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने प्रशासन के साथ बैठक भी की.

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