पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस और यूक्रेन दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को तीन घंटे तक रुकवाया था, ताकि भारतीय छात्र यूक्रेन से सुरक्षित वापस आ सके. यह दावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया.

प्रसाद ने कहा कि यह उस समय की बात है, जब युद्ध अपने चरम पर था और बड़ी संख्या में भारतीय मेडिकल छात्र यूक्रेन में फंसे हुए थे.

प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार के लिए युद्ध के कारण यूक्रेन में फंसे मेडिकल छात्रों को निकालना एक बड़ी चुनौती थी. जब पीएम मोदी ने यूक्रेन और रूस में भारत के उच्चायुक्तों से निकासी योजना के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब युद्धविराम हो जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम ऐसा करने में सक्षम थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत

प्रसाद ने कहा उनके सुझावों के बाद, प्रधानमंत्री ने युद्ध को रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके यूक्रेनी समकक्ष वलोडिमिर जेलेंस्की से बात की, ताकि भारतीय मेडिकल छात्रों को प्रभावित क्षेत्रों से निकाला जा सके. उनकी बातचीत के बाद, भारतीय छात्रों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए युद्ध को तीन घंटे के लिए रोका गया. दुनिया में ये है हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत.

24 फरवरी को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय मेडिकल छात्र कीव, ख़ारकिव, मारियुपोल और अन्य शहरों में फंस गए थे।

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