नीट में स्कॉलर के माध्यम से सेटिंग कर पास होने की फिराक में रही नाबालिग अभ्यर्थी व उसके पिता को वाराणसी के सारनाथ की पुलिस ने त्रिपुरा के धलाई जिले से गिरफ्तार कर लिया. पिता-पुत्री त्रिपुरा के धलाई जिले के कचुचारा के एडीसी साउथ कॉलोनी से पकड़े गये. नाबालिग छात्रा का नाम उस समय सामने आया था, जब पटना के बहादुरपुर निवासी व बीडीएस की छात्रा जूली को स्कॉलर के तौर पर वाराणसी के परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया था. जूली स्कॉलर बन कर नाबालिग अभ्यर्थी को नीट में पास कराने के लिए बैठी थी. वाराणसी पुलिस के समक्ष नीट में सेटिंग करने वाले गिरोह के सरगना समेत कई लोगों के नाम सामने आ गया था.

परीक्षा केंद्र वाराणसी और अभ्यर्थी थी दिल्ली में

नाबालिग अभ्यर्थी के पिता ने पूछताछ में वाराणसी पुलिस को बताया है कि उनकी बेटी ने नीट परीक्षा दी है, इसकी पुष्टि करने के लिए वे घर से निकल कर दिल्ली चले गये. जबकि उसका परीक्षा केंद्र वाराणसी में था. परीक्षा समाप्ति के बाद ये लोग वापस अपने त्रिपुरा स्थित घर पर लौट गये थे. बता दें कि इस गिरोह के सरगना पीके को भी पुलिस पकड़ चुकी है. इसके अलावे सेटिंग करने में शामिल एक डॉक्टर को पकड़ने के लिए हाल में वाराणसी पुलिस पटना भी आयी थी 

50 लाख रुपये में सॉल्वर गिरोह से हुई थी परीक्षा में पास कराने की डील

जानकारी के अनुसार, नाबालिग अभ्यर्थी के पिता ने सॉल्वर गिरोह का सहारा लेकर अपनी बेटी को नीट परीक्षा पास कराने की कोशिश की. उन्होंने इसके लिए सॉल्वर गिरोह से 50 लाख रुपये में डील की थी और एडवांस के रूप में पांच लाख रुपये भी दे चुके थे. इन्होंने त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युंजय देवनाथ व एक कोचिंग संचालक के माध्यम से सॉल्वर गिरोह के सरगना पीके से बात की थी और उसे ही पांच लाख रुपये दिये थे. काम पूरा होने पर 45 लाख रुपये देने का वादा किया था.

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