पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में तीन बच्चों के पिता ने 13 साल की एक किशोरी को गंगा नदी के किनारे झोपड़ी में ले जाकर हाथ-पांव बांधकर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। हालांकि पुलिस इसे छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट का मामला बता रही है।

पुलिस पर अभियुक्त को बचाने का आरोप

परिजनों ने पुलिस पर अभियुक्त को बचाने का आरोप लगाया है। रविवार की शाम को पीड़िता ने थाने में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री 28 अक्टूबर की शाम को शौच करने के लिए गयी थी।

पीड़ित परिवार के साथ मारपीट

इसी दौरान पड़ोसी सूरज उसे जबरदस्ती गंगा किनारे झोपड़ी में गया, जहां बच्ची के हाथ-पांव बांधकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। शोर मचाने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद उसकी पुत्री ने घर पहुंच कर घटना की जानकारी उन्हें दी। इसके बाद आरोपियों के समर्थकों ने पीड़िता और उसकी मां के साथ मारपीट भी की। आरोपी तीन बच्चों का पिता है। पीड़िता की मां ने बताया कि पुलिस ने पहले अभियुक्त को पकड़ा और दूसरे दिन बांड पर छोड़ दिया

तीन दिनों बाद केस हुआ दर्ज

परिजनों ने जब आरोपित को थाने से छोड़ देने का विरोध किया तब दोबारा उसे गिरफ्तार किया गया जो फिलहाल हिरासत में है। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने में देरी की गई है। पुलिस ने घटना के 3 दिन बाद पीड़िता किशोरी की मेडिकल जांच अनुमंडल अस्पताल में रविवार को कराई है। इसके लिए अस्पताल में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। पीड़िता और परिजन इंसाफ के लिए थाने में बैठे हैं। पुलिस के अनुसार पीड़िता के बयान के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच अनुमंडल अस्पताल में कराई गई है। प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई हो रही है। वहीं आरोपित ने आरोप गलत बताया है।

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