मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में डॉक्टरों (Doctors) की लापरवाही से दो दर्जन लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया. जबकि 6 लोगों की आंखें ही निकालनी पड़ गई. मामला गंभीर होने के साथ-साथ संवेदनशील भी है.  

डॉक्टरों ने छीनी रोशनी
रुह को कंपा देने वाला ये मामला मुजफ्फरपुर के जूरन छपरा स्थित आई हॉस्पिटल (Eye Hospital) का है. 22 नवंबर को आई हॉस्पिटल में 65 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन (Operation) हुआ था. ऑपरेशन के करीब एक हफ्ते बाद ही लोगों को समस्या होनी शुरू हो गई. करीब दो दर्जन लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया. वहीं इंफेक्शन बढ़ने से आधा दर्जन लोगों की आंखें निकालनी पड़ गई. 

सिविल सर्जन की आफत में जान
वहीं, मामले की शिकायत सिविल सर्जन (Civil Surgeon) से की गई तो उन्होंने गंभीरता को समझते हुए जांच के साथ जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को समेटने की कोशिश की. 

जांच में लगी स्वास्थ्य विभाग की टीम 
उधर, मीडिया और लोगों के होहल्ले की गूंज ऊपर बैठे अधिकारियों तक पहुंची तो आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई. टीम जांच के लिए मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में है. जहां पीड़ित लोगों की भीड़ भी जुटी हुई है. 

मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री गंभीर
इधर, राज्य में ज्वलंत बने मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Mnagal Pandey) ने कहा कि मुजफ्फरपुर आई कैंप मामले में सिविल सर्जन को जांच करने के लिए आदेश दिए गए हैं. वह अपने स्तर पर जांच करा रहे हैं. जो भी दोषी पाया जाएगा उनपर कार्रवाई होगी.

दो दर्जन को इंफेक्शन, 6 की निकाली आंखें
गौर करने वाली बात ये है कि आई हॉस्पिटल में कैंप लगा हुआ था. जिसमें 65 लोग अपनी आंख की समस्या का समाधान कराने की उम्मीद से गए थे.
लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने उन्हें इंफेक्शन का शिकार बना दिया. कईयों को तो जिंदगी भर का अंधेरा दे दिया. बहरहाल देखना ये होगा कि रोशनी लेने पहुंचे लोगों को अंधेरा देने वालों पर कब और क्या कार्रवाई होती है.

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