भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव की परेशानी बढ़ सकती है। छपरा के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह विशेष न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सरोज की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। उन पर जमीन खरीदने के बाद रुपये नहीं देने का आरोप है। चेक बाउंस होने के बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कई तारीखों में पेशी पर नहीं आने के बाद उनके खिलाफ अब गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।

रसूलपुर थाना के असहनी ग्राम निवासी मृत्युंजयनाथ पांडेय ने रसूलपुर थाने में 16 अगस्त 2019 को खेसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि अपनी खरीदी जमीन को बेचने के लिए खेसारी लाल की पत्नी चंदा देवी से 22 लाख सात हजार रुपये में बात हुई थी। इसकी रजिस्ट्री चार जून 2019 को एकमा रजिस्ट्री कार्यालय में हुई थी।

खेसारी लाल यादव को 18 लाख रुपए का चेक दिया गया था जो उन्होंने 20 जून 2019 को अपने खाते में जमा कर दिया और 24 जून को चेक वापस आ गया। दुबारा उन्होंने 27 जून को जमा किया तो बैंक की ओर से 28 जून 2019 को चेक बाउंस होने की जानकारी दी गई। 

न्यायालय  के स्तर पर 22 जनवरी 2021 को खेसारी लाल यादव के खिलाफ सम्मन जारी करने का आदेश दिया गया था। 25 फरवरी 2021 को जमानतीय वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। इसके बाद भी खेसारी लाल न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। इसको देखते हुए कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

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