तलाक के मामले में भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह मंगलवार को कुटुंब न्यायालय में उपस्थित नहीं हुईं। दोनों के तरफ से उनके अधिवक्ता अचालत पहुंचे। कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति नहीं बनने पर पवन सिंह के अधिवक्ता सुदामा सिंह को अंतरिम राहत आवेदन देने तथा ज्योति सिंह के अधिवक्ता विष्णुधर पांडेय व दिनेश चौधरी को लिखित स्टेटमेंट दाखिल करने का आदेश दिए। कोर्ट ने अगली तारीख 20 जुलाई को निर्धारित की है।

बता दें कि कोर्ट द्वारा काउंसलिंगग के दौरान पिछले 26 मई को भोजपुरी फिल्मों के कलाकार पवन सिंह व उनकी पत्नी ज्योति सिंह को आपसी सहमति के आधार पर समझौता करने का सलाह देते हुए एक समय दिया गया था। पवन सिंह के अधिवक्ता सुदामा सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में सहमति नही होने पर मुकदमा का ट्रायल शुरू होगा। इसके तहत कोर्ट ने ज्योति सिंह द्वारा दाखिल अंतरिम राहत के आवेदन पर जवाब व लिखित स्टेटमेंट देने का आदेश दिया। दिसंबर 2021 में पवन सिंह ने अपनी पत्नी से तलाक के लिए न्यायालय में एक मुकदमा किया था। पवन सिंह व उनकी पत्नी ज्योति सिंह कोर्ट में उपस्थित हुए थे। शादी के बाद दोनों के बीच इतनी दरार बढ़ गई कि मामला तलाक तक पहुंच गया। पत्नी ज्योति सिंह अभिनेता पति पर कई गंभीर आरोप लगा चुकी हैं।

एक मुश्त सेटलमेंट पर नहीं बनी सहमति

कुटुम्ब न्यायलय के प्रधान न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने दोनों पक्षों के बीच आपसी एक मुश्त सेटलमेंट पर सहमति नहीं बनने पर पवन सिंह के अधिवक्ता सुदामा सिंह को अंतरिम राहत आवेदन देने तथा तथा ज्योति सिंह के अधिवक्ता विष्णुधर पांडेय व दिनेश चौधरी को लिखित स्टेटमेंट दाखिल करने का आदेश दिया है।

तिथिवार जानें घटनाक्रम

28 अप्रैल को तलाक पर फैसले को लेकर ज्योति सिंह कोर्ट पहुंची थीं पर पवन सिंह नहीं आए थे।

– 26 मई को सिने स्टार पवन सिंह एवं पत्नी ज्योति सिंह दोनों कोर्ट पहुंचे थे।

– 21 जून को निर्धारित तिथि के बावजूद कुटुंब न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए स्टार दंपती।

– 20 जुलाई को अगली तिथि निर्धारित की गई है। उपस्थित नहीं होने पर ट्रायल शुरू हो जाएगा।

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