बिहार में जहरीली शराब से लाशों का अंबार लगने के बाद सुशासन की पुलिस ने अपनी सफाई पेश की है. लेकिन पुलिस की यही सफाई सरकार की पोल खोलने वाली है. पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में पिछले दस महीने में लगभग लाख लीटर शराब बरामद हुई है. ये सोंचने की बात है कि कितनी शराब खपा दी गयी होगी. ये हाल तब है जब बिहार की पुलिस ने हत्या, रेप, लूट से लेकर दूसरे तमाम अपराध से ज्यादा गिरफ्तारी शराब पीने पर की है.

शराबबंदी की पोल खुली

बिहार में जहरीली शराब से कई जिलों में लाशें बिछने से सरकार की हो रही फजीहत को रोकने के लिए शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सामने आया. पुलिस मुख्यालय ने शराब पर बैठक की फिर मीडिया को बुलवाया और फिर सफाई देने में अच्छा खासा समय दिया. बिहार पुलिस मुख्यालय ने हर जिले में शराब को लेकर पुलिस की बहादुरी का पूरा लेखा जोखा पेश किया. इस साल पहली जनवरी से 31 अक्टूबर तक शराब के लिए पुलिस ने क्या क्या किया इसकी पूरी जानकारी दी गयी.

करीब 39 लाख लीटर शराब पकड़ी

राज्य पुलिस मुख्यालय ने बताया कि बिहार में पिछले 10 महीनों में 38 लाख 72 हजार 645 लीटर शराबद बरामद औऱ जब्त किया गया. इसमें ज्यादातर विदेशी शराब है, जो दूसरे राज्यों से बिहार पहुंच रही है. पुलिस ने इस साल अक्टूबर तक 25 लाख 79 हजार 415 लीटर विदेशी शराब और 12 लाख 93 हजार 229 लीटर देशी शराब बरामद किया है. पुलिस ने कई शराब भट्ठी भी तोड़ी और वहां बन रही शराब को नष्ट किया. उसका आंकडा इसमें शामिल नहीं है. अगर उसका भी लेखा-जोखा होता तो फिर शराब की बरामदगी का आंकड़ा कहां पहुंचता इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

सारे जघन्य अपराध से ज्यादा गिरफ्तारी शराब में

बिहार पुलिस ने शराब रोकने के लिए छापेमारी औऱ गिरफ्तारी की भी जानकारी दी. पुलिस मुख्यालय के ही आंकड़े बता रहे हैं कि हत्या, लूट, रेप जैसे तमाम जघन्य अपराध से ज्यादा छापेमारी और गिरफ्तारी शराब के लिए हुई. बिहार पुलिस मुख्यालय के आंकड़े के मुताबिक इस साल जनवरी से अक्टूबर माह तक शराबबंदी कानून के तहत अन्तर्गत पूरे राज्य में कुल 49900 मामले दर्ज किये गये. शराब के मामलों में कुल 62 हजार 140 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. हम आपको बता दें कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक बिहार पुलिस ने एक साल में कुल 1 लाख 14 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की थी. अंदाजा लगाइये कि दूसरे अपराध में शामिल लोगों की कितनी गिरफ्तारी हुई होगी जब सिर्फ दस महीने में शराब के लिए 62 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार किये गये. पुलिस ने शराब पीने, बेचने औऱ बनाने वालों के 12 हजार 200 वाहनों को भी जब्त किया है.



पटना में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी, वैशाली में बरामदगी

बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक शराब कानून के तहत सबसे ज्यादा गिरफ्तारी पटना में हुई लेकिन सबसे ज्यादा बरामदगी वैशाली जिले में हुई. शराब के मामलों में टॉप 5 जिलों की लिस्ट आज जारी की गयी. शराब बरामदगी के मामले में सबसे आगे वैशाली जिला रहा जहां कुल 4 लाख 56 हजार 359 लीटर शराब बरामद किये गये. बरामदगी के मामले में दूसरे स्थान पर पटना, मुजफ्फरपुर तीसरा, औरंगाबाद चौथे नंबर पर और मधुबनी पांचवे पोजिशन पर है. है.

हालांकि गिरफ्तारी में पटना सबसे आगे रहा. पटना जिले में शराबबंदी कानून के तहत सबसे ज्यादा 6855 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी में सारण जिले का स्थान दूसरा है. मोतीहारी नंबर तीन, नवादा नंबर और पांचवें नंबर पर मुजफ्फरपुर है.

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