दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार को शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा मामले में पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई की है. जहांगीरपुरी हिंसा मामले में पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के सदस्यों पर भी केस दर्ज किया है. विहिप और बजरंग दल पर बिना परमीशन के शोभायात्रा निकालने का आरोप है.

जिला सेवा प्रमुख गिरफ्तार

डीसीपी नार्थ वेस्ट उषा रंगनानी ने बताया कि VHP और बजरंग दल दिल्ली प्रांत के आयोजकों के खिलाफ बिना अनुमति के 16 अप्रैल की शाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के जहांगीरपुरी में जुलूस निकालने के संदर्भ में मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के जिला सेवा के प्रमुख प्रेम शर्मा को गिरफ्तार किया है. इधर, हनुमान जयंती दंगों के मुख्य आरोपी अंसार और असलम सहित 14 लोगों को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने असलम और अंसार की दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है. वहीं, अन्य 12 आरोपियों को जुडिशियल कस्टडी में भेजा है.

धर्म और वर्ग के आधार पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा: अस्थाना

वहीं, दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने सोमवार को कहा कि जहांगीरपुरी हिंसा के सिलसिले में अब तक दोनों समुदायों के 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, उन्होंने इन दावों का खंडन किया कि हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान एक मस्जिद में भगवा झंडे फहराने का प्रयास किया गया था. अस्थाना ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान जोर देकर कहा कि हिंसक झड़पों में शामिल लोगों को वर्ग, पंथ या धर्म के आधार पर बख्शा नहीं जाएगा.

मस्जिद में भगवा झंडा फहराने का नहीं किया गया कोई प्रयास

पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना से जब पूछा गया कि क्या झंडा फहराने की कोशिशों के बाद झड़प शुरू हुई थी तो उन्होंने कहा, नहीं, शोभायात्रा के दौरान मस्जिद में भगवा झंडा फहराने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. कई राजनेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने जहांगीरपुरी में एक स्थानीय मस्जिद पर झंडा फहराने की कोशिश की, जिसके बाद पथराव और हिंसा हुई. अस्थाना ने कहा कि शनिवार को हुई झड़पों की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है और इस संबंध में 14 टीमों का गठन किया गया है. इसके अलावा फोरेंसिक टीमों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किये हैं.

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