बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरस्वती मंदिर चौक के पास शुक्रवार की रात दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस झड़प में एक पक्ष के लगभग एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए. सभी जख्मियों का इलाज सदर अस्पताल से लेकर शहर के विभिन्न निजी क्लीनिक में चल रहा है. 

घायल लोगों की पहचान रजौरा के रहने वाले शंभु प्रसाद सिंह का पुत्र विकास कुमार, मणिभूषण सिंह का पुत्र सूरज कुमार, रामबहादुर राय का पुत्र मनोज कुमार और राजेन्द्र सिंह का पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई है. घटना के दौरान कई घंटो तक ये जगह रण क्षेत्र में तब्दील हो गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.

हैंडपंप में मुंह लगाकर पानी पीने को लेकर विवाद 
बताया जा रहा है कि हैंडपंप में मुंह लगाकर पानी पीने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे 10 दिनों में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. एक पक्ष के युवक हैंडपंप में मुंह लगाकर पानी पीने पर अड़े हुए थे. जबकि दूसरे पक्ष के लोग हैंडपंप से मुंह हटा कर पानी पीने की बात पर अड़े थे. विवाद बढ़ता गया. मामला उस वक्त और ज्यादा बिगड़ गया, जब आरोपी युवक ने अपने मोहल्ले में जाकर मारपीट की जानकारी दी. 

हिंसक झड़र की जगह रण क्षेत्र में तब्दील 
मारपीट की जानकारी मिलने के बाद ही गुटों के कुछ लोगों ने सच्चाई जाने बिना धारदार हथियार, इट पत्थर, लाठी डंडे लेकर सरस्वती मंदिर के समीप निकल गए. वहां जाकर लाठी डंडे बजाना शुरू कर दिया. स्थिति खराब होते देख स्थानीय दुकानदारों में अफरा तफरी मच गई. सबने अपनी-अपनी दुकानें बंद करना शुरु कर दिया. इतना देर में ही आरोपियों के द्वारा लगभग आधा दर्जन लोगों को बहरमी से पीट दिया गया. इस हिंसक झड़प के बाद वो जगह रण क्षेत्र में तब्दील हो गई. 

सही समय पर नहीं पहुंची पुलिस  
जानकारी के मुताबिक जब दूसरे गुट के लोग बचाव करने पहुंचे तो लाठी डंडे से उन्हें भी खदेड़ दिया गया. उसके बाद दोनों पक्षों से सैकड़ों लोग सड़क पर जमा हो गए और दोनों तरफ से ईंट पत्थरों की बारिश होने लगी. वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस तरीके से एक पक्ष के लोगों ने हमला किया उस हमले में आधे दर्जन लोग घायल हो गए. सड़क पर बिखरे ईट पत्थर जुल्म बयान करने के लिए काफी है. लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. अगर सही समय पर पुलिस आती तो विवाद इतना नहीं बढ़ता. 

घटनास्थल पर पुलिस अभी भी मौजूद
स्थानीय लोगों ने कहा, अगर आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती है तो हम आंदोलन करने को विवश होंगे. जिसकी जिम्मेदार जिला प्रशासन होगी. इस घटना के बाद मौके पर कई थाने की पुलिस पहुंची, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया. इस घटना की जानकारी बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार को मिली थी. जिसके बाद घटनास्थल पर डीएम, एसपी, एसडीएम, एसडीओ, डीएसपी सहित कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और वहां कैंप किया. फिर बाद में लोगों को समझा-बुझाकर मामला को शांत करवाया गया. फिलहाल कई थाने की पुलिस घटनास्थल पर अभी भी मौजूद है.

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