छवि ने बताया कि उसकी पत्नी एक बार यहां से अपने मायके चली गई थी। उससे मिलने और घर लाने के लिए वह बारह साल पहले अपनी ससुराल लाल किला एक्सप्रेस ट्रेन से जा रहा था, तभी कुल्हड़ियां में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके बाद छूटने के बाद वह घर जाने के क्रम में इधर-उधर भटक गया। वहीं से बॉर्डर पारकर वह कब कैसे पाकिस्तान चला गया कुछ भी पता नहीं चला।

उसने बताया कि तीन साल पूर्व उसको पता चला कि वह पाकिस्तान में है। वहां की पुलिस ने पकड़ कर उससे काफी पूछताछ कर पिटाई भी की। उसने वहां की पुलिस को बताया कि वह ससुराल जा रहा था। इसके बाद उसे जेल में बंद कर दिया। उसके बाद उसको वहां तंग नहीं किया जाता था। भोजन अच्छा दिया जाता था।

इसमें शाकाहारी और मांसाहारी भोजन दोनों होता था। बारह साल बाद यहां लौटकर वह बहुत खुश है। कहा कि वह पहले ईंट भट्टा पर ईंट बनाने का काम करता था, तब उसे तीन सौ रुपए मिलते थे। वह फिर से ईंट बनाने का काम करेगा। वह अब कभी बाहर नहीं जाएगा। 

उसने यह भी कहा कि वह पत्नी को वापस लाने की कोशिश करेगा। लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली है तो उसे भरोसा नहीं हुआ। उसने बताया कि दूसरी शादी के बारे में अभसोचा नहीं है। बारह साल के बाद अपने घर और गांव के लोगों से मिलकर वह बहुत खुश ह। उसने मिलने वाले कई लोगों को एक ही झटके में पहचान लिया।

बनारपुर के पूर्व मुखिया बुचा उपाध्याय मंगलवार की सुबह में जब उससे मिलने थाने पर पहुंचे तो उनको देखते ही मुस्कुराते हुए छवि ने कहा- मुखिया जी। प्रणाम! मुखिया जी ़खुश हुए। कहा कि बारह साल बाद भी भुलाइल न ईख। मुखिया जी ने थोड़ी देर बाद घर पर छवि का स्वागत करने के लिए उसकी मां को पांच सौ रुपए दिए।

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