मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत क्रियान्वित योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए डीएम धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम दिनारा प्रखंड में गई। 44 डिग्री तापमान वाले दिन भी डीएम स्‍वयं हरिवंशपुर पंचायत के वार्ड संख्या 15 में पहुंच गए। इस दौरान नल-जल योजना में गड़बड़ी व टंकी से रिसाव की मिली शिकायत पर वे लगभग 25 फीट ऊंची पानी टंकी पर लोहे की सीढ़ी से चढ़ गए। अचानक पानी टंकी पर चढ़ते देख उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी व अन्य अधिकारी भी दंग रह गए। योजनाओं में मिली गड़बड़ी पर बीडीओ, सीडीपीओ से लेकर विभिन्न विभागों में कार्यरत दो दर्जन से अधिक कर्मियों के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है।

योजनाओं में मिली है काफी गड़बड़ी

डीएम ने कहा कि निरीक्षण के क्रम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई है। हरिवंशपुर में नल-जल योजना के तहत लगाई गई पानी टंकी में लगातार रिसाव पाया गया। कार्य की गुणवत्ता भी सही नहीं पाई गई। इसपर विभागीय अधिकारी से लेकर वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंध समिति तथा कार्य एजेंसी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नल जल योजना में गड़बड़ी के कारण बीडीओ के वेतन निकासी पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गई है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जांच के क्रम में फरार पीडीएस दुकानदारों पर करवाई करने का भी निर्देश दिया

मनरेगा पीओ, सीडीपीओ समेत कई अन्‍य पर कार्रवाई

मनरेगा में योजनाओं का रिकार्ड नहीं मिलने के कारण नाराजगी व्यक्त की व पीओ पर कार्रवाई का निर्देश दिया। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। डीएम ने कहा कि 21 पंचायत वाले इस प्रखंड में 42 योजनाओं की जांच अधिकारियों की टीम द्वारा की गई है। इसमें पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना, मनरेगा, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, पीडीएस दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इस प्रखंड में मिली गड़बड़ी पर बीडीओ, पंचायत राज अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, मनरेगा पीओ, प्रखंड समन्वयक लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से कारण पृच्छा पूछते हुए उनके वेतन निकासी पर रोक लगाई गई है।

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